मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जब से लॉकडाउन लागू किया गया है, हमलोग सभी का ध्यान रख रहे हैं। किसी की उपेक्षा नहीं की गयी है। पूरी कोशिश है कि हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचे। इसके लिए कार्यरत पूरी टीम पूरी लगन एवं परिश्रम के साथ लगी हुयी है।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जनता के नाम ऑडियो संदेश जारी किया। इसमें कहा कि मैंने पहले भी राज्य में कोरोना की स्थिति के बारे में बताया था और कोरोना संक्रमण में वृद्धि की जानकारी दी थी। इसे देखते हुये कोरोना जांच को और बढ़ाते हुए अब एक लाख 25 हजार से अधिक जांच प्रतिदिन की जा रही है। अब कोरोना मरीज की संख्या में प्रतिदिन कमी भी आ रही है।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पांच से 15 मई तक बिहार में लॉकडाउन लगाया गया। 13 मई को सहयोगी मंत्रीगण एवं पदाधिकारियों के साथ बिहार में लागू लॉकडाउन की स्थिति की समीक्षा की गयी। लॉकडाउन के सकारात्मक प्रभाव को देखते हुये 25 मई तक लॉकडाउन को बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 मई को 22 जिलों के सामुदायिक रसोई का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वहां चलायी जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कई लाभार्थियों से बातचीत की।

जिलों के कई लाभार्थियों ने कहा कि सामुदायिक रसोई के माध्यम से अच्छा खाना मिल रहा है। लोगों ने यह भी कहा कि हमलोग खाना अपने बच्चों तथा बुजुर्गों के लिए घर पर भी ले जाते है। राज्य के सभी 38 जिलों में 432 सामुदायिक रसोई चलाये जा रहे हैं। हमने सामुदायिक रसोई को विस्तारित करते हुए हर प्रखंड में खोलने का निर्देश दिया है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद इसका लाभ उठा सकें। सरकार की मंशा है कि लॉकडाउन में मजदूर, निर्धन, निराश्रित, निःशक्त एवं जरूरतमंदों को दोनों वक्त शुद्ध भोजन मिले एवं कोई भूखा न रहे।

बिहारवासी कोरोना के खिलाफ जंग में अवश्य सफल होंगे

मुझे विश्वास है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच के साथ बिहारवासी कोरोना के खिलाफ इस जंग में अवश्य सफल होंगे। पहले की तरह पुन: मैं अपील करता हूं कि मास्क लगाएं, दो गज की दूरी बनाए रखें, हाथ साफ रखें और समय आने पर टीका अवश्य लगाएं।

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By न्यूज़ डेस्क

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