बैंक खाते में अगर न्यूनतम बैलेंस नहीं रहा तो जेब कटनी तय है। यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन एक अप्रैल से कई मानदंड बदल जाएंगे। भारतीय स्टेट बैंक की ओर से इसकी तैयारी कर ली गई है। बचत और चालू दोनों खाताधारकों के लिए अलग-अलग न्यूनतम बैलेंस का प्रावधान है।

इसे भी केटेगरी के आधार पर बांटा गया है। यह बैलेंस हर माह औसत के रूप में माना जाएगा। करेंट एकाउंट के लिए एक ही मानक है। वहीं, सेविंग एकाउंट को चार श्रेणी में बांटा गया है।

करेंट एकाउंट
– 10 हजार रुपये खाताधारक को रखना होगा मंथली एवरेज बैलेंस
– 500 रुपये सर्विस टैक्स बतौर जुर्माना देना होगा बैलेंस नहीं रखने पर
सेविंग एकाउंट
श्रेणी : मंथली न्यूनतम बैलेंस : जुर्माना
मेट्रो शहर : 5000 रुपये : 100 रुपये
अर्बन : 3000 रुपये : 80 रुपये
सेमी अर्बन : 2000 रुपये : 75 रुपये
(नोट : जुर्माने के साथ 15 फीसद सर्विस टैक्स भी लगेगा)
रूरल क्षेत्र : 1000 रुपये : 50 रुपये

