नारायणपुर | सोमवार की सुबह आई चक्रवाती हवाओं और भारी बारिश ने नारायणपुर प्रखंड और आसपास के दियारा क्षेत्रों में तबाही मचा दी। शाहपुर सीलिंग दियारा, बिहपुर का सोनवर्षा दियारा और गंगा पार अमरी-विशनपुर दियारा में परवल की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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विशनपुर के किसान शंभु मंडल ने बताया कि सोमवार को खेत पहुंचने पर उन्होंने देखा कि परवल के बिचड़े बारिश के पानी में डूबकर पूरी तरह सड़ गए थे। कई किसान 8 से 16 हजार रुपये प्रति बीघा की दर से जमीन लीज पर लेकर परवल की खेती कर रहे थे, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ आ गया है।
मोंथा चक्रवात के कारण हुई भारी बारिश से विभिन्न क्षेत्रों में करीब 50 बीघा परवल की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। शाहपुर के राजो मंडल की छह बीघा, हुलो मंडल की तीन बीघा, भरतखण्ड पनदही दुधैला के चानो मंडल की चार बीघा सहित इंदर मंडल, सिताबी मंडल और मनोज मंडल जैसे कई किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।

अब किसानों को नए सिरे से परवल की लत्ती लगानी पड़ेगी, जिससे लागत में और बढ़ोतरी होगी। परवल के साथ-साथ आशाटोल, बलाहा, नारायणपुर और रायपुर जैसे इलाकों में धान की फसलें भी इस बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
