नारायणपुर प्रखंड के बीरवास गांव के पास कोसी नदी पर 500 मीटर लंबे पीपा पुल का निर्माण किया जा रहा है। करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पीपा पुल खगड़िया, मधेपुरा और भागलपुर जिलों को आपस में जोड़ेगा, जिससे क्षेत्र में आवागमन और संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी। पुल के जनवरी के अंतिम सप्ताह तक चालू होने की संभावना जताई जा रही है।
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यह पीपा पुल मधेपुरा जिले के जीरो माइल कपसिया घाट से खगड़िया जिले के बीरवास गांव तक बनाया जा रहा है। फिलहाल निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
पुल के निर्माण से मधेपुरा और नारायणपुर के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे न सिर्फ लोगों की यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और पुलिस गश्ती के लिए भी यह पुल सहायक सिद्ध होगा।

वर्तमान में कपसिया, रतवारा, खापुर, आलमनगर, मुरौत, सुखार, बड़ीखाल और सोनामुखी सहित आसपास के इलाकों में जाने के लिए लोगों को कोसी नदी के तीन घाटों—कपसिया कोसी नदी घाट, सुखार घाट और बीरवास घाट—में से किसी एक से नाव के सहारे आवागमन करना पड़ता है। पीपा पुल बनने से लोगों को इस परेशानी से राहत मिलेगी।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, कार्य प्रमंडल सहरसा के परियोजना अभियंता बबलू कुमार ने बताया कि कपसिया से बीरवास गांव तक कोसी नदी पर लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से पीपा पुल का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें पांच वर्षों तक का रखरखाव भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि यह पुल छह महीने तक आवागमन के लिए खुला रहेगा। 15 जून के बाद मानसून के दौरान कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुल को खोल दिया जाएगा। पुल पर केवल पांच टन तक वजन वाले वाहनों को ही आवागमन की अनुमति दी जाएगी।
