रंगरा/कहलगांव। माघ पूर्णिमा के अवसर पर बटेश्वर स्थान स्थित श्मशान घाट पर रविवार को गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। स्नान के दौरान पांच किशोरियां गहरे पानी में डूबने लगीं। एसडीआरएफ की तत्परता से चार किशोरियों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक किशोरी की डूबने से मौत हो गई।
मृतका की पहचान संध्या कुमारी (15), पिता अभिमन्यु मंडल, निवासी बड़ी रामपुर, उदाकिशुनगंज (मधेपुरा) के रूप में की गई है। घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद संध्या का शव बरामद किया।
चारों बचाई गई किशोरियां एक ही टोले की रहने वाली हैं। इनमें से दो को अनुमंडल अस्पताल कहलगांव में प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की सूचना पर अंतिचक थाना की पुलिस और सीओ सुप्रिया मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल रंगरा थाना क्षेत्र में पड़ने के कारण परिजन शव को रंगरा थाना ले गए, जहां पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्नान के दौरान सबसे पहले अर्जुन मंडल की पुत्री ज्योति कुमारी (19) गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए संध्या कुमारी आगे बढ़ी और उसका हाथ पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश की। ज्योति तो बाहर आ गई, लेकिन संध्या गहरे पानी में चली गई। इसके बाद प्रीति कुमारी, उसकी जुड़वां बहन प्रिया कुमारी और आरती कुमारी भी बचाने के प्रयास में डूबने लगीं।
स्थिति बिगड़ते देख एक नाविक ने तुरंत नाव से कूदकर चार किशोरियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन संध्या को नहीं बचाया जा सका। गंभीर हालत में ज्योति कुमारी को अंतिचक थाना पुलिस की मदद से अनुमंडल अस्पताल कहलगांव ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे बाद उसे होश आया। इलाज के बाद परिजन उसे घर ले गए।
इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त श्मशान घाट और नौका फेरी घाट गोपालपुर के रंगरा थाना क्षेत्र में आता है। मेला की उगाही और घाट संचालन की जिम्मेदारी नौका फेरी संवेदक भोला मंडल के पास है, लेकिन घाट पर न तो बैरिकेडिंग की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम। लोगों का आरोप है कि इसी घाट पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बीते पांच वर्षों में यहां आधा दर्जन से अधिक लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है।

