नवगछिया के घाट ठाकुरवाड़ी में चल रहे 51वें श्री रामचरितमानस नवाह पारायण एवं श्री राम कथा अमृत वर्षा के चौथे दिन प्रयागराज से पधारे स्वामी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक संदेश दिए।
स्वामी जी ने कहा कि “हम जैसा भोजन करते हैं, वैसा ही उसका प्रभाव हमारे शरीर और मन पर पड़ता है। जितना अधिक सत्संग हम सुनेंगे, उतना ही हमारी वाणी और विचारों में सकारात्मक बदलाव आएगा। जो समय भगवान से जुड़ा है, वही वास्तविक समय है।”
उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी इच्छाओं को भगवान पर छोड़ देना चाहिए, क्योंकि भगवान हमारे हित में जो होगा, वही प्रदान करते हैं। उनके भजनों— “नाम तुम्हारा इतना प्यारा…”, “ना जी भर के देखा…”—ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया।

सुबह से हो रहा संगीतमय पाठ
नवाह पारायण का पाठ प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक 25 विद्वानों द्वारा संगीतमय रूप में किया जा रहा है। इस आयोजन से पूरा नवगछिया राम नाम से गूंजायमान हो रहा है और कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
यह धार्मिक आयोजन 27 मार्च 2026 तक चलेगा।
आयोजन में जुटी समिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के शिव जायसवाल, बनवारी पंसारी, मीडिया प्रभारी अशोक केडिया, अरुण यादुका, संतोष भगत, संतोष यादुका, अनिल भगत, विशाल चिरानिया, नरसिंह चिरानिया, किशन याहुका, प्रवीण भगत, अजय भगत, विनीत खेमका, कंचन खेमका, आनंद केडिया, पप्पू केडिया, शंकर चिरानिया, श्रवण केडिया, कन्हैया केडिया, आयुष खेमका, कैलाश अग्रवाल, अनिल चिरानिया सहित सभी सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
पूरे क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है।

