नवगछिया। नवगछिया रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल की है। ट्रेन संख्या 63308 मेमो पैसेंजर की तलाशी के दौरान एक लावारिस बैग और बोरे से 25.75 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पुलिस ने कुल 37 बोतल शराब जब्त की है। बरामदगी के बाद तस्करों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी की संयुक्त टीम स्टेशन परिसर और ट्रेनों में नियमित जांच अभियान चला रही थी। इसी क्रम में ट्रेन संख्या 63308 मेमो पैसेंजर की सघन तलाशी ली गई। अभियान का उद्देश्य रेल मार्ग के जरिए हो रही नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना था।
तलाशी के दौरान आगे की ओर से दूसरी बोगी के शौचालय के समीप एक सलेटी रंग का पिट्ठू बैग और एक सफेद प्लास्टिक का बोरा संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। सुरक्षा बलों ने आसपास मौजूद यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी सामान पर अपना दावा नहीं किया। इसके बाद बैग और बोरे की तलाशी ली गई।

जांच में बैग और बोरे के अंदर अंग्रेजी शराब की कुल 37 बोतलें बरामद हुईं। इनमें 750 एमएल की 29 बोतलें तथा 500 एमएल की 8 बोतलें शामिल थीं। जब्त शराब की कुल मात्रा 25.75 लीटर पाई गई। बरामदगी के बाद पुलिस ने शराब को जब्त कर लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
शराब लावारिस हालत में मिलने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इसे कौन लेकर जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब किस स्टेशन से ट्रेन में चढ़ाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां संभावित तस्करी नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं।
जीआरपी नवगछिया के थानाध्यक्ष अरुण कुमार चौधरी ने बताया कि शराब और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ तस्कर रेल मार्ग का इस्तेमाल कर प्रतिबंधित सामान की आवाजाही कराने की कोशिश करते हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और रेल क्षेत्र में अपराध नियंत्रण विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शराब, सूखा नशा और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी में शामिल गिरोहों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसे तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से रेल मार्ग के जरिए होने वाली नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। फिलहाल पुलिस बरामद खेप के पीछे सक्रिय तस्करों और उनके नेटवर्क तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है।

