नवगछिया — नवगछिया अनुमडंल अस्पताल में पानी का घोर अभाव है. यह कई प्रखंडो का यह एकलौता अस्पताल है. जिसमें कि करीब 500 से ज्यादा लोग ओपीडी में इलाज करवाने के लिए आते है.
Total Downloads: 72
वहीं आपातकालीन सेवा में लगभग 10 मरिज डेली इलाज के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल आते है. और तो और करीब प्रसव करवाने के लिए अस्पताल में लगभग 50 से 60 में मरीज अस्पताल में भर्ती रहते है. इन सभी मरिजों को पानी पीने के लिए अस्पताल परिसर में एक चापाकल ठीक नहीं है. जिससे कि मरीजों को अस्पताल में पानी खरीद कर पीना पड़ता है. मालुम हो कि अस्पताल में आरओ मशीन भी लगाया गया है. ताकी मरीजों को शुद्ध पानी पीने के लिए मिले मगर अनुमंडल अस्पताल में आरओ मशीन भी खड़ाब पड़ा हुआ है़. यह आरओ मशीन यह सोच कर लगाया गया था. कि मरीजों को शुद्ध पानी मिल सके और बिमारी से जल्द निजात पाया जा सके.
लेकिन अस्पताल प्रशासन के लचर व्यवस्था और लापरवाही का आलम यह है कि मशीन वह महीनों से खराब पड़ा हुआ है इस ओर ना तो अस्पताल प्रबंधक को कोई चिंता और ना ही अस्पताल के प्रभारी को गौर है. कि इस अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में इलाज कराने मरीज अस्पताल आते है. अस्पताल में परिसर में कई चापाकल भी लगा हुआ है. लेकिन वो खराब पड़ा हुआ है. और वह सिर्फ अस्पताल का शोभा बढ़ा रहा है़. नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में जितने भी मरीज इलाज कराने के लिए आते है.

वे सभी लोग बाहर से पानी खरीद कर प्यास बुझा रहे है. गोपालपुर प्रखंड से आए रेखा देवी महिला मरीज ने बताया कि पानी नहीं रहने के कारण बाहार से पानी 15 रुपए से लेकर 20 रुपए तक का पानी खरीद कर पानी पीना पड़ रहा है. और एक चापाकल है भी मगर लेकिन उससे गंदा पानी निकलता है. जिससे कि स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. भीषण गर्मी में पानी की घोर किल्लत अस्पताल में हो रहा है़. यहां तक कि अस्पताल में काम कर रहे कर्मी लोग भी पानी खरीद कर पीते है. पानी को लेकर विभाग को ठोस पहल करनी चाहिए ताकि पानी के परेशानीयो से निजात पाया जा सके.
कहते है अस्पताल के प्रभारी
अस्पताल के प्रभारी वीपी राय ने बताया कि खराब पड़े चापाकल को ठीक कराने के लिए विभाग को सुचना दिया गया है वहीं आरओ को जल्द से जल्द ठीक कराया जाऐगा. ताकि आने वाले मरीजों को परेशानी ना हो.
