बिहपुर: बिहपुर के खानका -आलिया कादिरिया फरिदिया मोहबबतिया मे रमजानुल मुबारक के पहले रोजे से लेकर आखरी रोजे तक मुरीदीन और अकीदतमंद के साथ रोजये इफतार होता है जीसमे बडी संख्या मे रोजेदार सामिल होते हैं रमजानुल मुबारक के पाक माह के बारे मे खानका के सज्जादा नशी हजरत अली कौनैन खॉ फरीदी एबं नायव सज्जादा नशी हजरत मौलाना अली शब्बर खॉ फरीदी ने कहाकि रमजानुल मुबारक मे रोजा रखने बाले के इमान का इम्तिहान है

रोजा रमजान के महीने मे इमान बाले इवादत करते हैं रोजे दारो की मजदूरी स्वंय अल्लाह ताला देते हैं हालते इमान में जो मुसलमान रोजा रखता है और तरावीह का नमाज अदा करता है तो अललाह ताला उसके पीछले गुनाह को माफ कर देता है रोजा खुदा के करीब ले जाता है लोगौ को इस महीने की कदर करनी चाहिए और खूब खुदा की इवादत करनी चाहिए! मौकै पर हजरत मौलाना मो0 अबूसालेह फर्जी,करार खॉ, हसन खॉ, गुलाम पंजतन, सज्जाद आलम, ताजउददीन खॉ, मंजूर आलम, इरफान खॉ, उसमान आलम आदि रोजदार सामिल थे


