पटना : अपनी उम्र कम कराने के लिए गणेश जैसे हजारों लोग हैं जो मैट्रिक यानि 10वीं की परीक्षा दोबारा देते हैं। ऐसे उदाहरण आसपास भी मिलते हैं, लेकिन बोर्ड ने गणेश के रिजल्ट से सबक लेते हुए फैसला किया है, जिससे हजारों लोगों की नौकरी पर खतरा भी हो सकता है। बोर्ड अगले तीन महीनों के अंदर पिछले 30 सालों के रिकॉर्ड को इस ऐप में अपलोड करेगा।

फर्जी इंटर टॉपर गणेश कुमार की वजह से अब दोबारा परीक्षा देकर उम्र कम कराने वालों की खैर नहीं है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति एक ऐसा ऐप बनवा रही है जिससे डबलिंग होने पर ऐप खुद ब खुद उन परीक्षार्थियों का नाम शार्ट लिस्ट कर लेगा, जिन्होंने अपनी उम्र कराने के लिए 10वीं की परीक्षा दोबारा दी है।

बोर्ड को ये फैसला गणेश की वजह से लेना पड़ा, जिसने उम्र कम कराने के लिए 10वीं की परीक्षा दोबारा दी और इंटर में टॉप कर गया। गणेश ने 1990 में बिहार बोर्ड से पहली बार मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। उसके बाद दोबारा उसने 2015 में मैट्रिक की परीक्षा उम्र कम कराने के लिए पास की, ताकि वो सरकारी नौकरी पा सके।

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By न्यूज़ डेस्क

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