नारायणपुर : बैकटपुर दुधैला गांव में गंगा कटाव से बेघर हुए करीब डेढ़ सौ परिवार के लोगों के बेघर हो जाने के बाद गांव में मरघटी सन्नाटा पसरा हुआ है. अपने आशियाने को खो चुके लोगों के पास ना तो पेयजल की व्यवस्था है और ना ही खाने को भोजन! कई लोग तो ऐसे हैं जिनका घर समेत सब कुछ एकाएक नदी के गर्त में समा गया. ऐसे लोगों के पास अपनी बेबसी पर आंसू बहाने के सिवा कुछ नहीं बचा है.
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गांव में कैंप कर रहे एक प्रशासनिक पदाधिकारी ने बताया कि रह-रहकर देर रात बच्चों के रोने की आवाज उन लोगों को सुनाई दे रही थी. बच्चे भूखे थे उनके लिए दूध की व्यवस्था नहीं हो पा रही है. सबसे बुरे हालात में गांव की महिलाएं व बच्चे हैं.

कुछ लोगों के घर में अनाज है अभी तो बनाने का कोई साधन नहीं है. देर रात जैसे ही गांव में राहत सामग्री पहुंची तो पीड़ितों ने कुछ राहत की सांस ली. पीड़ित लोगों ने प्रशासनिक पदाधिकारियों से कुछ दिनों तक तैयार भोजन बंटवाने और पेयजल और दूध के साथ साथ जहां पर बड़ी संख्या में बेघर लोग ठहरे हैं वहां पर प्रकाश की व्यवस्था करने की मांग की है

