यूपी की राजधानी लखनऊ में एक मामला सामने आया है, पति-पत्नी और वो. यह मामला गोमतीनगर थाने में एक लड़की ने केस दर्ज कराते हुए पड़ोस में घर के सामने रहने वाली लड़की पर आरोप लगाया है कि वो और उसका पति कहीं फरार हो गए गया है. उस लड़की को यह भी शक है दोनों ने शादी भी कर ली है. अपने पति को वापस पाने के लिए इधर उधर भटक रही है.
यह मामला लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र का है. उस लड़की ने बताया 2007 में मेरी मुलाकात अभुदय नाम के लड़के से जीवनसाथी डॉट कॉम के जरिए हुई थी. पहले अभुदय ने ही मेरी प्रोफाइल में इंटरेस्ट जताया था. उसके बाद मुझे भी अभुदय की प्रोफाइल पसंद आई और हमने एक-दूसरे का नंबर एक्सचेंज किया. अभ्युदय हैदराबाद में एक बीपीओ में काम करता था. मैं लखनऊ में एक इवेंट कंपनी में काम करती थी.
फैमिली की रजामंदी से 23 नवंबर 2007 को हमारी शादी हुई थी. शादी के बाद मैं और अभुदय कुछ दिन साथ रहे, फिर वो हैदराबाद जॉब के लिए चला गया. इस दौरान बस हमारी फोन पर बातें होती थी.

2009 में अभुदय ने हैदराबाद में जॉब छोड़ दी और फिर लखनऊ शिफ्ट हो गया. इसके बाद उसने MBA करने का का सोचा और 2010 में मुंबई चला गया. मैंने उसकी पढ़ाई का खर्च उठाया, क्योंकि उस समय उसकी जॉब छूट चुकी थी.
साल 2012 में अपनी पढ़ाई पूरी करके अभुदय लखनऊ आ गया और यहीं जॉब करने लगा. सब कुछ ठीक चल रहा था. कुछ समय बाद 2013 में हमारे घर के सामने एक फैमिली रहने के लिए आई, अंकित शर्मा और उसकी पत्नी सोनल.
पूछने पर निधि ने बताया सोनल अक्सर मेरे घर आती जाती थी, वो मेरे पति को भईया कह कर बुलाती थी. कुछ दिनों बाद उसने कहा कि वो अपनी शादी से परेशान है, उसका पति ठीक नहीं है. उसने हमसे उसका डिवोर्स कराने में मदद करने की बात कही.
सोनल की परेशानी को देखते हुए मैंने उसे एडवोकेट सिद्धांत से मिलवाया. उसने अपने पति के खिलाफ केस दर्ज किया. अभुदय उसके साथ वकील और पुलिस के पास जाते थे. मुझे दोनों पर ट्रस्ट था.
एक दिन मैं ऑफिस के काम से बाहर गई थी. वापस लौटी तो मैंने अभुदय और सोनल को फिजिकल रिलेशन बनाते रंगे हाथ पकड़ लिया. मैंने जब इसका विरोध किया तो अभुदय ने मारपीट करते हुए मुझे डिवोर्स देने की धमकी दी.
मैंने उसे डिवोर्स देने से मना किया तो वो मुझे छोड़कर दूसरी जगह रूम लेकर अकेले रहने लगा. कुछ दिनों बाद मुझे लगा कि मेरे पति और सोनल में सब खत्म हो गया है. लेकिन दोनों छुप छुपके मिलते थे. इस बीच सोनल का डिवोर्स हो गया.
इसके बाद 2014 में अभुदय ने भी डिवोर्स केस फाइल किया, जिसे मैंने इस केस को स्वीकार नहीं किया उसके कुछ दिनों बाद ही मुझे पता चला कि सोनल प्रेग्नेंट है. खबर मिली है कि दोनों ने कोर्ट में शादी भी कर ली है. मुझे बस मेरा पति वापस चाहिए और मैं कुछ नहीं चाहती.
इस मामले को देखते हुए सीओ गोमतीनगर दीपक कुमार का कहना है, अभुदय और सोनल ने कोर्ट में जो एमओयू दिया है, उसमें गलत एड्रेस लिखा है. क्यूंकि पुलिस उस एड्रेस पर पुलिस गई थी, लेकिन दोनों वहां नहीं मिले.
यह केस निधि की तरफ से दर्ज कराया गया है और दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है. इस घटना पर एडवोकेट सोमा पाण्डेय कहती हैं, एक पत्नी के रहते दूसरी शादी हिन्दू लॉ में मान्यता नहीं दी गई है. दोनों ने कोर्ट में जो एमओयू दिया है, उसमे गलत एड्रेस दिया है. इस केस में दोनों की गिरफ्तारी होनी चाहिए, क्योंकि ये लॉ का उल्लंघन करती है है.


