ढोलबज्जा : विलुप्तप्राय पक्षी गरुड़ ने आज नवगछिया प्रखंड को राज्य ही नहीं बल्कि देश के मानचित्र पर अपना एक नया पहचान बना ली है. जहां लोग इसे धर्म की आस्था से जोड़कर, विष्णु वहन गरुड़ की संज्ञा से भी संबोधित किया करते हैं. आज वहीं इस दुर्लभ पक्षी पर खतरा मंडराने लगा है. ऐसा ही दृश्य नवगछिया के कोसी पार, कदवा दियारा पंचायत अंतर्गत कासिमपुर कदवा निवासी कारू सिंह के दरवाजे के आगे देखने को मिला. जहां एक विशाल पीपल का वृक्ष है. जिस पर बरसों से गरूर अपना बसेरा डाल घोंसले बनाकर, अपना प्रजनन किया करते हैं.
अभी भी उस वृक्ष पर गरुड़ के घोंसले हैं. उसी वृक्ष को कुछ स्थानीय लोगों द्वारा कटाई किया जा रहा है. वहीं कदवा के लोग एक ओर इस पक्षी को संरक्षण दिए हुए हैं तो, दूसरी तरफ उसके आश्रय स्थल (घर) गुजारने में लगे हुए हैं. उक्त बातों की जानकारी मिलते ही बुधवार के दिन कदवा ओपी पुलिस के साथ थाना प्रभारी फुलेश्वर कुमार व अन्य ग्रामीणों की सूझ-बूझ से तत्काल उस वृक्ष की कटाई पर रोक लगाई गई.

मालूम हो कि नवगछिया का यह इलाका गरुड़ के लिए एक अच्छे प्रवासी स्थल के रूप में माने जाते हैं. उस पर किसी भी प्रकार के आए संकट को दूर करने के लिए यहां के लोग हमेशा जागरुक हैं. वही वृक्ष की कटाई कर रहे लोगों को थानेदार ने कहा कि संबंधित विभाग से बिना आदेश लिए यदि वृक्ष की कटाई की गई तो उन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.


