नवगछिया : नवगछिया के धोबिनिया गांव में आयोजित दो दिवसीय संतमत सतसंग के वार्षिक अधिवेशन का समापन रविवार को किया गया. रविवार को महर्षी मेंही आश्रम के संत गुरुसेवी भगीरथ बाबा, स्वामी प्रमोद बाबा, स्वामी गुरुनन्दन बाबा, शांति संदेश पत्रिका के संपादक आश्रम व्यवस्थापक स्वामी शारदानंद बाबा, स्वामी सहदेव बाबा, स्वामी सुरेंद्र बाबा, स्वामी फूल बाबा आदि महात्माओं ने प्रवचन किया. इसके बाद आयोजन की विधिवत समाप्ति की घोषणा की गयी. रविवार को भगीरथ बाबा ने अपने प्रवचन में कहा कि सारे दुखों से मुक्ति और जीवन को कल्याणमय और अर्थपूर्ण बनाने का एक मात्र उपाय ईश्वर की भक्ति है. बाबा ने कहा कि तीर्थों में भटकने से कुछ हासिल नहीं होगा. ईश्वर मानव के भीतर विराजमान हैं और सद गुरु के बताए सूत्र के अनुसार अंतः साधना कर कोई भी मानव खुद को पहचान सकता है और ईश्वर से भी साक्षात्कार कर सकता है.

यही जीवन को अर्थपूर्ण और कल्याणकारी बनाने का एक मात्र साधन है. बाबा ने कहा कि इस तरह के कार्य के लिये मनुष्यों को राक्षसी वृत्ति का त्याग करना होगा. बाबा ने कहा कि मांस भक्षण और नशापान करने से मनुष्य के विचारों में बदलाव आता है और वह राक्षसी प्रवृत्ति का हो जाता है. 2 दिनों के इस कार्यक्रम में दूर दराज से सत्संग प्रेमी आयोजन स्थल पर पहुंचे थे. नवगछिया अनुमंडल संतमत सत्संग कमेटी द्वारा सभी सत्संग प्रेमियों के लिए रहने और खाने का भी प्रबंध किया गया था.

 

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By Rishav Mishra Krishna

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