विक्रमशिला पुल पर मानवता को शर्मसार करने वाला दृश्य सोमवार की शाम देखने को मिला। जब सड़क दुर्घटना में घायल कार और ट्रैक्टर सवार बीच सड़क पर तड़प रहे थे। रात आठ बजे हुई दुर्घटना के बाद करीब 40 मिनट तक आने जाने वाले वहां खड़े होकर उन लोगों को घेरकर वीडियो बना रहे थे। मगर घायलों को किसी ने अस्पताल में भर्ती कराने की जहमत नहीं उठाई। आखिरकर जब घायलों को मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया तो टै्रक्टर सवार कटिहार जिले के कुरसेला इंदिराग्राम निवासी चंदेश्वरी मंडल (35) की मौत हो चुकी थी। जबकि कार सवार लत्तीपुर, बिहपुर के प्रशांत कुमार की हालत गंभीर बनी हुई थी।
Total Downloads: 105
कार से ढाबे का चिकन खाकर लौट रहे थे चार दोस्त
घटना के चश्मदीद जीरोमाइल के नीलकंठ नगर निवासी आशीष कुमार झा ने बताया कि वे अपने दोस्तों बिहपुर के प्रशांत, जीरोमाइल के आरूष और अभिषेक के साथ चिकन खाने बिहपुर के लिए शाम छह बजे निकले था। गाड़ी आरूष की थी और वही गाड़ी चला रहा था। वहां से लौटने के क्रम में विक्रमशिला पुल पर एक बांस का ट्रैक्टर जा रहा था। उसे ओवरटेक करते समय सामने से एक हाइवा आ गई। जिससे कार चला रहे आरूष ने अपना नियंत्रण खो दिया और जब तक वह गाड़ी संभालता हाइवा ने उसे साइड से धक्का मार दिया। इसके बाद कार बांस वाले ट्रैक्टर से जा टकराई। वहीं हाइवा कई गाड़ियों को ठोकते हुए निकल गई।
टै्रक्टर से टकराते ही कार ने मारी पलटी
चश्मदीद के अनुसार हाइवा का टक्कर लगते ही कार ने ट्रैक्टर को धक्का मारते हुए पलटी मार दी। इसके बाद वहां प्रशांत समेत ट्रैक्टर से गिरा एक व्यक्ति काफी घायल हो गया था। उसकी हालत भी बुरी थी। वह मदद के लिए लोगों से काफी मदद मांग रहा था। मगर सभी वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि कार में और भी लोग सवार थे। जो दुर्घटना होते ही वहां से निकल गए। वे अपने दोस्तों की सहायता के लिए रूके भी नहीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि कहीं कार सवार नशे में तो नहीं थे।

जीवन जागृति सोसायटी के सदस्यों ने बचाई जान
पुल पर तड़प रहे घायलों की जान जीवन जागृति सोसायटी के सदस्यों ने बचाई। सोसायटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि सदस्य राकेश कुमार पुल से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने पुल पर तीन लोगों को तड़पते हुए देखा। इसमें एक युवक मदद की गुहार लगा रहा था। इसके बाद राकेश ने ही एक विक्टा सवार व्यक्ति से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद मांगी। वह तैयार हो गया और उसके सहयोग से सभी घायलों को मायागंज में भर्ती कराया गया। जहां प्रशांत की हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि ट्रैक्टर चालक की पहले ही मौत हो गई थी। डॉ. अजय ने भी मायागंज अस्पताल में पहुंच घायलों के इलाज का इंतजाम किया। उन्होंने आइसीयू में भी गंभीर हालत वाले घायल के लिए बेड खाली रखा था। मगर उसकी पहले ही मौत हो गई थी।

