नवगछिया: श्रीरामचरितमानस नवाहपरायण यज्ञ एवं श्री राम कथा की अमृत वर्षा स्थानीय घाट ठाकुरबाड़ी नवगछिया में हो रही है जिसमें परम पूज्य आचार्य श्री रामशरण दास जी महाराज द्वारा प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक परायण संगीत में एवं स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी महाराज इलाहाबाद एवं अन्य विद्वानों द्वारा संगीतमय राम कथा रात्रि 7:00 बजे से 11:00 बजे तक किया जा रहा है।
प्रवचनकर्ता स्वामी विनोदानंद जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान भाव के भूखे हैं अगर भगवान को भाव से पुकारो तो भगवान खुद चले आते हैं। भगवान दुर्योधन के यहां भोजन नहीं करते हैं बल्कि भक्त विदुर के यहां आकर प्रसाद पाते हैं विदुर रानी द्वार बंद करके द्वारिकाधीश का भजन करती है तो इनका भजन सुनने के लिए द्वार पर द्वारिकाधीश खड़ा होता है कहने का मतलब जो भगवान का दर्शन करने के लिए द्वारिका मथुरा अयोध्या जाता है।

वही प्रभु भजन करने वाले भक्तों को उसके द्वार पर खड़े हो कर पुकारते हैं कि मेरा दर्शन करने वाले तो बहुत हैं मैं आपका ही दर्शन करने के लिए खड़ा हूं उन्होंने प्रवचन के दौरान घाट ठाकुर वाडी के महंत सीताराम शरण सुधीर बाबा जो कि ब्रम्हलीन हो गए के बारे में कहा कि भारत के मोरधन विद्वानों ने विद्वानों का सम्मान करने में नवगछिया क्षेत्र को धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत करने हेतु प्रवचन के माध्यम से सब को जोड़ने का बड़ा ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

सुधीर बाबा के ब्रह्मलीन होने से समाज में काफी क्षति हुई है उसकी पूर्ति उनकी कृपा से ही हो सकती है नहीं तो असंभव है। इस नवाह परायण यज्ञ में दिनेश सराफ बनवारी पंसारी श्याम सुंदर केडिया मोहन गुप्ता दयाराम चौधरी शंकर चिरानिया मंगलचंद खेमका किशन चिरानिया अनिल चिरानिया अनिल भगत प्रमोद केडिया संतोष भगत अरुण जायसवाल आदि अपना योगदान दे रहे हैं

