राज्य के जिन सरकारी प्लस टू विद्यालयों को अतिथि शिक्षक नहीं मिल पाए हैं, उन्हें 5 अगस्त तक अतिथि शिक्षक मिल जाएंगे। विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने मंगलवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश दिया कि वे जिलों में बनी मेधा सूची से ही 5 अगस्त तक अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटित कर दें।

न्योता देने के बाद 152 शिक्षक ही पढ़ाने आए

साथ ही विद्यालयों में उनकी सेवा भी सुनिश्चित करें। प्रधान सचिव ने मंगलवार को सभी जिलों के साथ वीसी कर अतिथि शिक्षकों की सेवा लिए जाने की समीक्षा की। उनके साथ शिक्षा सचिव आरएल चोंग्थू, बीईपी के राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह, माध्यमिक निदेशक आरपीएस रंजन, उप निदेशक शिवनाथ प्रसाद समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिलों के डीईओ और डीपीओ आरएमएसए व योजना लेखा प्रधान सचिव से मुखातिब रहे। समीक्षा में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को संतोषजनक पाया गया। इस दौरान कन्या उत्थान योजना, साइकिल-पोशाक, छात्रवृत्ति आदि का वितरण, उच्च माध्यमिक विद्यालय विहीन पंचायतों में मध्य विद्यालयों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव, नियोजित शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों के वेतन भुगतान की ताजा स्थिति की भी समीक्षा की गयी।

पटना। स्कूलों में अतिथि शिक्षक पढ़ाने के लिए आएं, इसके लिए जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से संबंधित शिक्षकों को न्योता भेजा गया था, लेकिन 367 में से 152 अतिथि शिक्षकों ने ही स्कूलों में योगदान दिया है। पटना जिले में 520 अतिथि शिक्षकों का नियोजन किया जाना था। इसके लिए 367 अतिथि शिक्षक की काउंसिलिंग के बाद विद्यालय चयन हुआ था।

डीपीओ, माध्यमिक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अतिथि शिक्षकों को योगदान के लिए पत्र भेजा जा चुका है। अभी तक 152 शिक्षकों ने ही योगदान दिया है। पटना जिला के 153 अतिथि शिक्षकों के लिए द्वितीय चरण की काउंसिलिंग की जायेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग से अनुमति मांगी गयी है। विभाग से अनुमति मिलते ही तिथि की घोषणा की जायेगी। काउंसिलिंग में वही शिक्षक शामिल होंगे जिनका आवेदन पहले लिया जा चुका है।

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By न्यूज़ डेस्क

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