खरीक : जमालदीपुर का कुख्यात अपराधी धारो सिंह ने एक के बाद एक हत्या लूट और रंगदारी की घटना को को अंजाम देकर अपराध की दुनिया में बादशाहत कायम कर ली है. कुख्यात धारो सिंह उर्फ धरबा का लंबा अपराधिक इतिहास रहा है. सिरगिट्टी हत्याकांड के बाद धरबा अब उन दुर्दांत अपराधियों में से एक हो गया है जिन्होंने जब जिसे चाहा उसे उसी समय मौत की नींद सुला देने वाले अपराधियों में से एक हो गया है.
– कुख्यात धारा सिंह ने 1 दर्जन से अधिक लोगों को मौत की नींद सुला दिया
– तकरीबन आधा दर्जन से अधिक घटना में मृतक के परिजनों ने धरबा पर दर्ज कराई हत्या की प्राथमिकी
बीते 3 साल से फरार कुख्यात धारो सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर छुट्टा घूम रहा है और अपराधिक घटनाओं को दे रहा है अंजाम
जिससे जमादिपुर के लोगों में दहशत है लोग अब अपने घरों में भी महफूज नहीं रह गए हैं. लोगों को अब इस बात की चिंता सताने लगी है कि ना जाने कब कुख्यात धारा सिंह उसके घर में घुस जाएगा. ग्रामीणों का कहना है कि अब तो कुख्यात धारबा हम ग्रामीणों के इज्जत पर हाथ डालने लगा है गांव की बहू बेटियां अब सुरक्षित और महफूज नहीं रह गयी है. सिरगिट्टी हत्याकांड के बाद से अब जमादिपुर के लोग अपने घरों से बेटी और बहू को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं ग्रामीणों को धारो अब जिन्होंने कुख्यात धारो सिंह उर्फ धरबा सिंह का डर सता रहा है .

कुख्यात धारो सिंह का रहा है आपराधिक इतिहास
जमालदीपुर का कुख्यात अपराधी धारो सिंह के इशारे पर 19 अक्टूबर 2013 में लत्तीपुर के इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार सुमंत मंडल की अन्य अपराधियों ने गोली मारी थी. 27 जुलाई 2015 की रात करीब 12:00 बजे जमादिपुर के विनोद सिंह के बेटी के विवाह में शरीक होने खरीक के कालूचक की महिला आरती देवी के साथ सामूहिक बलात्कार कर महिला की लाश को 14 नंबर सड़क के किनारे फेंक दी गई थी. उसमें भी कुख्यात धारा सिंह की संलिप्तता थी. उसने भी दी थी के साथ मिलकर हत्या दी थी.


