टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज केंद्र से सोमवार को गायब हुई एसएम कॉलेज की बीएड की परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं गायब होने पर गुरुवार को इस परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया। साथ ही टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार को निर्देश दिया गया कि जिस की लापरवाही की वजह से कॉपियां 48 घंटे तक गायब रहीं, उसपर अनुशासनिक कार्रवाई की जाए।
यह निर्णय टीएमबीयू में हुई परीक्षा बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पीजी के वैसे छात्र जिन्होंने बिना रेगुलेशन के पीजी परीक्षाएं पास कर ली है। अगर उसमें रेगुलेशन का वायलेशन भी हुआ है तो रिजल्ट बनाया जाए। डीएसडब्ल्यू डॉ. योगेंद्र ने बताया कि छात्र हित में निर्णय लिया गया है कि रेगुलेशन के वायलेशन के बाद भी पीजी के छात्रों का रिजल्ट बनाया जाए।

पीजी में फर्स्ट सेमेस्टर में चार पेपर की परीक्षा होती हैं। इसमें दो में पास और दो में फेल होने पर छात्रों को प्रमोट किया जाता है। मगर तीन पेपर में फेल होने पर छात्र को फेल कर दिया जाता है। पीजी विभागों में कई स्टूडेंट्स को तीन पेपर में भी फेल होने पर प्रमोट किया गया। अागे सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा के साथ इन्होंने फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा दे दी। इसमें पास कर गए। ये सिलसिला सेकेंड और थर्ड सेमेस्टर में भी जारी रहा। इसमें सब विषय में नंबर मिलता गया। मगर जब फाइनल सेमेस्टर में रिजल्ट बनाने के लिए सभी सेमेस्टर के रिजल्ट को निकाला गया तो पता चला कि फर्स्ट सेमेस्टर में ही छात्र तीन विषय में फेल था। एेसे में रिजल्ट रोक दिया गया था। छात्र लगातार विवि का चक्कर काट रहे थे। इस पर परीक्षा बोर्ड में निर्णय लिया गया कि अगर कोई छात्र किसी तरह पास करता गया है तो उसे रिजल्ट दे दिया जाएगा।


