जदयू राज्य कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। प्रशांत की राजनीति में एंट्री से बिहार में सियासी हलचल बढ़ गई है। आगामी लोकसभा चुनाव में उनके जदयू प्रत्याशी बनने के कयास लगाए जा रहे हैं।
उधर, पक्ष-विपक्ष के राजनेताओं ने उनके जदयू में शामिल होने पर प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रशांत किशोर के जदयू में शामिल होने का जहां पार्टी ने स्वागत किया है, वहीं प्रमुख विपक्षी राजद ने इसे डूबती नैया पर सवारी करार दिया है।

जदयू ने किया स्वागत
प्रशांत किशोर के जदयू में शामिल होने का पार्टी नेताओं ने स्वागत किया है। जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि उनके आने से दल को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया।
राजद बोला: डूबती नैया पर सवार हो गए प्रशांत

दूसरी ओर राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवल किशोर ने कहा कि हर आदमी नेता बन सकता है, लेकिन अब प्रशांत किशोर को पता चल जाएगा कि राजनीति क्या चीज है। कहा कि प्रशांत खुद फ्लॉप हैं और अब डूबती नाव में सवार हो गए हैं। वे नीतीश कुमार को हारने से नही बचा सकते हैं। 2015 के चुनाव में लालू प्रसाद यादव के वोट पर प्रशांत को कामयाबी मिली थी। बाद में उत्तर प्रदेश जाकर प्रशांत ने खुद को आजमा लिया है।
राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी कहा कि एक क्या सौ प्रशांत भी जदयू की डूबती नाव को किनारे नही लगा सकते हैं। उधर, पूर्व मंत्री विजय प्रकाश ने कहा कि प्रशांत किशोर के जदयू में शामिल होने से राजद की नही, भाजपा की परेशानी बढ़ेगी।


