सहरसा-मानसी रेलखंड पर रविवार की मध्य रात सहरसा से पाटलिपुत्र जा रही जनहित एक्सप्रेस के इंजन पर बिजली तार टूटकर गिर जाने से लगभग साढ़े चार घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। रात्रि के करीब 11.32 बजे यह हादसा हुआ।
बिजली तार गिरते ही चालक ने ट्रेन रोक दी। धमारा घाट-बदला घाट के बीच 9/14 से 8/21 किमी के बीच ब्रिज नंबर-21 से गुजर रही ट्रेन के रुकते ही सो रहे यात्री जग गए। जानकारी मिलने पर रात 1.30 बजे खगड़िया से टीआरडी (विद्युत) के सीनियर डीईई आशुतोष झा, जेई इंचार्ज एमके सिन्हा और सुनील कुमार ने टावर वैगन मंगवाया। पेंटो के टूटने के कारण गिरे बिजली तार को जोड़ने का काम शुरू किया गया।
सहरसा से रात डेढ़ बजे डीजल इंजन मंगवाया गया और जनहित एक्सप्रेस को सोमवार की अहले सुबह 4.10 बजे मानसी के लिए रवाना किया गया। ट्रेन खुलने के बाद यात्रियों ने चैन की सांस ली। हालांकि, इसका असर दूसरे दिन सोमवार को ट्रेनों के परिचालन पर भी पड़ा। जयनगर से जानकी एक्सप्रेस ढाई घंटे, अमृतसर से गरीब रथ एक्सप्रेस 3.10 घंटे, सियालदह से हाटे बाजारे पौने दो घंटे लेट पहुंची। सहरसा से गरीब रथ 1.55 घंटे, हाटे बाजरे 50 मिनट, राजेन्द्र नगर के लिए इंटरसिटी दो घंटे सहित सवारी गाड़ी लेट खुली।

विद्युत इंजन पर परिचालन व्यवस्था बहाल होने में लग गए पौने 11 घंटे
इलेक्ट्रिक इंजन पर ट्रेनों की परिचालन व्यवस्था बहाल करवाने में टीआरडी अधिकारियों को पौने 11 घंटे लग गए। बिजली तार टूटकर गिरने के कारण रात 11.32 बजे ठप हुई व्यवस्था दूसरे दिन सुबह 10.16 बजे बहाल हुई।
इस संबंध में टीआरडी रेल के जेई एमके सिन्हा ने बताया कि बिजली तार को कसने वाला पेंटो टूट जाने के कारण परेशानी आई थी। इसे दूर कर लिया गया है।


