मुंगेर निवासी और सीवान में बिहार पुलिस में सिपाही पद पर तैनात स्नेहा का शव पटना से सीवान पुलिस के सहयोग से नौवागढ़ी लाया गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को सुबह जब ताबूत खोलकर लाश को देखा गया तो वे भौंचक रह गए। परिजन समेत ग्रामीणों ने कहा कि यह स्नेहा का शव है ही नहीं। शव किसी वृद्ध महिला का है, जिसके दांत भी टूटे हैं।
देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। जो सुबह से लेकर लगभग 12 बजे तक रहा। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने आनन-फानन में काली स्थान नौवागढ़ी के पास एनएच 80 को जाम कर दिया। सड़क जाम कर रहे परिजन और ग्रामीण नकली शव वापस ले जाने समेत स्नेहा की मौत का सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे थे।

इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस तमाशबीन बनी रही। दो घंटे बाद एसपी गौरव मंगला, एसडीओ खबेश चंद्र झा, समेत अन्य वरीय पुलिस अधिकारी पहुंचकर जाम कर रहे लोगों को समझाने और जाम हटाने प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों के जाम पर अड़े रहने के कारण पुलिस लाठियां भांजकर बलपूर्वक जाम हटाया। इस दौरान कुछ देर के लिये भगदड़ की स्थिति बन गई। जाम कर रहे ग्रामीण इधर-उधर भागने लगे। इस बीच पुलिस ने आधा दर्जन युवक को हिरासत में भी लिया है।
परिजनों ने कहा कि स्नेहा मौत की हो सीबीआई जांच
स्नेहा के भाई और बहन समेत अन्य परिजनों ने कहा कि स्नेहा की मौत के मामले में सीवान पुलिस का रवैया पूरी तरह संदेहास्पद रहा है। सीवान पुलिस की कई तरह की बातें कई तरह के संदेह को जन्म दे रही है। परिजनों ने कहा कि शव को बदला जाना यह साबित करता है कि स्नेहा ने फांसी नहीं लगाई है बल्कि उसकी हत्या कर उसे ठिकाने लगा दिया गया है। जिसपर पर्दा डालने के लिये कोई दूसरी महिला का सड़ा-गला शव हमलोगों को भेज दिया गया है।

मुंगेर की महिला सिपाही स्नेहा ने सीवान में लगाई थी फांसी
दरअसल मुंगेर की रहने वाली और बिहार पुलिस की महिला सिपाही ने सीवान पुलिस केंद्र में पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में पंखे से लटककर कथित रूप से खुदकुशी कर ली थी। मृतका के कमरे से मिले सुसाइड नोट के अनुसार गुरुवार को आत्महत्या की संभावना जताई गई। स्नेहा फिलहाल फैमिली कोर्ट में बतौर महिला सुरक्षाकर्मी तैनात थी। वर्ष 2013 में सिपाही संवर्ग में जिले में उसकी पदस्थापना हुई थी। सहकर्मियों के मुताबिक बीते दो दिनों से वह ड्यूटी पर नहीं जा रही थी।


