27 नक्षत्रों में पूसी पूर्णिमा को माघ नक्षत्र के नाम से जाना जाता है। इस तिथि का धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से खास महत्व है। ब्रह्मवर्त पुराण के अनुसार पूसी पूर्णिमा पर स्वयं भगवान विष्णु गंगा में निवास करते है।
इस दिन गंगा स्नान करने पर पुण्य कर्मों मेंबढ़ोतरी होती है। एसी मान्यता है कि पूसी पूर्णिमा पर दान, जप और स्नान करने से सांसारिक बाधाओं से मुक्ति मिलती है। ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि सनातन धर्म में पूसी पूर्णिमा स्नान को सबसे उत्तम बताया गया है।

स्नान के बाद भगवान भास्कर को दें अर्घ्य
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 8 फरवरी शनिवार को दिन के 3 बजे से शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा जो रविवार को 1 बजकर 19 मिनट तक पूसी पूर्णिमा पर स्नान का मुहूर्त है। जो लोग सांसारिक बाधाओं से मुक्ति चाहते हो तो पूसी मास में सूर्य के मकर राशि में स्थित होने पर तीर्थ स्नान करें। स्नान के बाद सूर्यदेव को ऊं घृणि सूर्याय नमः मंत्र से अर्घ्य दें। उन्होंने बताया कि पूसी पूर्णिमा स्नान करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है। कहा कि प्रयाग में स्नान करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। 9 को एक बजकर 19 मिनट तक करें स्नान


