नवगछिया अनुमंडल की मिट्टी केला अाैर मक्का के लिए जितनी उपजाऊ रही है, उतनी ही अपराध के लिए भी उर्वर रही। गंगा व कोसी नदी के बीच इस अनुमंडल का गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र पिछले चार दशक से बाढ़ और कटाव का दंश झेल रहा है। अपराध के लिए मुफीद रही जमीन को देखते हुए इसे पुलिस जिला घोषित किया गया। इसके बाद अपराध तो नियंत्रित हुआ, लेकिन विकास रफ्तार नहीं पकड़ सकी। विकास को पंख देने के लिए पूर्ण जिला की मांग अरसे से चलती रही, लेकिन यह जमीन पर नहीं उतर सका। अब आलम यह है कि कटाव से विस्थापित परिवार दशकों से खानाबदोश की जिंदगी जी रहे हैं। उनका पुनर्वास नहीं हो सका। नवगछिया, इस्माइलपुर, रंगरा, गोपालपुर चार प्रखंड की 36 पंचायतों में अधिकांश पंचायतें पिछड़ापन के शिकार हैं। करीब 20 पंचायत कटाव की चपेट में हैं। कमलाकुंड, मदरौनी जैसे गांव कोसी में समा चुके हैं। यूं तो कटावरोधी काम के लिए अब तक सरकार ने करोड़ों रुपए फूंक दिए, लेकिन यह नियंत्रित नहीं हो सका। रही-सही कसर सड़कों की कमी ने पूरी कर दी है। नवगछिया से इस्माइलपुर जाने के लिए अच्छी सड़क तक नहीं है। नगरह जाना भी दुश्कर है। यह सड़क बरसों से अधूरी है।
कुल वोटर : 269383
ये हैं प्रमुख मुद्दे
* 50 हजार से अधिक परिवार गंगा व कोसी नदी के कटाव से विस्थापित हो गए। दो दशकों से विस्थापित परिवारों का पुनर्वास तक नहीं हुआ। मजबूरी में वे सड़कों, बांधो व रेलवे लाइन के किनारे झुग्गी-झोपड़ी में जीवन जीने को विवश हैं।
* विधानसभा में अधिकांश दियारा क्षेत्र है। यह केला और मक्के की खेती के लिए जाना जाता है। दोनों फसलों से बेहतर आमदनी के लिए प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की कई बार घोषणा हुई, लेकिन यह कागजों में ही सिमट गई। इन फसलों को बाहर ले जाने की सही व्यवस्था न होने से किसानों को उचित मूल्य तक नहीं मिल रहा।
* 1972 में पुलिस जिला बना नवगछिया पूर्ण जिला बनने की बाट जोह रहा है। ढोलबज्जा को प्रखंड बनाने की मांग भी बरसों से चल रही है। प्रखंड मुख्यालय दूर होने से दियारा के कदवा, खैरपुर कदवा और ढोलबज्जा तक विकास की रोशनी नहीं पहुंच रही।
* अपराध क्षेत्र की बड़ी समस्या है। दो-तीन साल में अपराधों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आए दिन हत्या होना आम हो चुका है।
* मदरौनी में रेलवे लाइन किनारे बसे विस्थापित। इनकी मांग है कि इन्हें बसने के लिए जमीन मिले ताकि ये लोग भी सही ढंग से जीवन यापन कर सकें।


इस बार राजद से सामने आ सकते हैं नए चेहरे
राजद से शैलेश यादव, संजय मंडल, महेश फौजी, राजेंद्र यादव, प्रतिमा सिन्हा, अभिलाषा कुमारी के नाम भी चर्चा में हैं।
वोट का ये है गणित
4 प्रखंड की 36 पंचायतें अौर नगर पंचायत को जोड़कर बने विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक गंगोता जाति के वोटर हैं। 32 हजार गंगोता, 24 हजार कुर्मी-धानुक और 15 हजार कुशवाहा वोटरों की कुल संख्या 71 हजार हो जाती है। बनिया, सुरी, हलवाई, तेली, सहित मारवाड़ी समाज के 45 हजार मतदाता हैं। यादव 28 हजार, मुस्लिम 20 हजार, गोढ़ी 16 हजार वोटर हैं। 10 हजार पासवान, 16 हजार भूमिहार, 10 हजार राजपूत और 6 हजार ब्राह्मण वोटर भी अहम हैं।
टिकट की दावेदारी के लिए कई हैं प्रयासरत
विधानसभा में जीत की हैट्रिक लगाने वाले जदयू विधायक गोपाल मंडल टिकट की दौड़ में इस बार भी हैं। हालांकि पूर्व जिप अध्यक्ष सविता देवी, जिप सदस्य विपिन मंडल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रेम सागर उर्फ डब्लू यादव के नाम पर भी चर्चा चल रही है।

