सुबह चार बजे हुई वारदात, सूचना के बाद देर शाम दियारा के लिए रवाना हुई पुलिस


विरोधी गुट के अपराधियों ने बुल्लन की हत्या कर लूटे हथियार
खरीक: खरीक एवं बिहपुर थाना के सीमांत क्षेत्र बेलोरा दियारा के डुम्मर बहियार में सोमवार को अल सुबह चार बजे हुए गैंगवार में खरीक थाना क्षेत्र के बगरी गांव के शातिर अपराधकर्मी बुल्लन यादव 45 मारा गया है. अपराधियों की दो गोली बुल्लन की कनपटी में लगी है. बुल्लन का चेहरा पूरी तरह से क्षत विक्षत हो गया है. सोमवार को दोपहर सूचना मिलने के बाद झंडापुर ओपी पुलिस और खरीक थाना पुलिस घटना स्थल की ओर रवाना हुई. देर रात शव को नवगछिया लाने का प्रयास किया जा रहा था. बुल्लन के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम बुल्लन अपने साथियों के साथ बेलोरो बहियार गया था. बेलोरा बहियार व करेलिया बहियार में करीब 50 एकड़ से अधिक जमीन पर बुल्लन खेती करता था. खेत में कलाई और खेसारी की फसल लगी हुई थी. फसल कब्जा करने के लिए अपराधियों ने होड लगी हुई थी. जानकारी मिली है कि फसल पर कब्जे को लेकर ही बुल्लन और उसके विरोधी गुटों के बीच गैंगवार हुई जिसमें बुल्लन मारा गया. दियारा में रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि रविवार की शाम बुल्लन गिरीश यादव के बासा के बगल में कास के जंगल में बुल्लन व उसके अन्य साथियों ने चावल और मीट बना कर खाया था और देर रात सभी खेत के पास ही घूर लगा कर आराम कर रहे थे कि इसी क्रम में विरोधी गुट ने हमला बोल दिया. बुल्लन के कुछ साथियों ने मोरचा भी संभाला लेकिन विरोधी गुट के अपराधियों के सामने कोई टिक न पाया और भाग खडा हुआ और बुल्लन चारो तरफ से अपराधियों से घिर गया था और वह भाग नहीं पाया और विरोधी गुट के अपराधियों के गोली का शिकार हो गया. बुल्लन के हथियार भी विरोधी गुटों द्वारा लूट लिये जाने की बात कही जा रही है. बताया जा रहा है कि बुल्लन के पास तीन रायफल और एक दोनाली बंदूक भी था. मालूम हो कि बुल्लन का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. करीब 25 वर्ष से वह अपराध की दुनियां में सक्रिय था. वर्ष 2011 के पंचायत चुनाव में जब बुल्लन की पत्नी पूनम देवी बगरी गांव से पंचायत समिति सदस्य पद से निर्वाचित हुई तो कायास लगाया जा रहा था कि बुल्लन अब मुख्य धारा से जुड जायेगा. लेकिन पत्नी के जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी बुल्लन अपराध की दुनियां में सक्रिय रहा. खरीक, बिहपुर, झंडापुर, चैसा, फुलौत और कदवा ओपी के करीब दो दर्जन से अधिक जघन्य मामलों में बुल्लन यादव आरोपी रहा है. मालूम हो कि वर्ष 2008 में बगरी गांव में पुलिस ने छापेमारी कर हथियारों का जखीरा बरामद किया था. उक्त हथियार बुल्लन के ही थे. उस समय बुल्लन पुलिस ेसे बच कर निकलने में कामयाब रहा था. वर्ष 2006 में खरीक के तेलघी निवासी सुजय के चर्चित अपहरणकांड में भी बुल्लन आरोपी था. इस मामले में बुल्लन को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था. बुल्लन पर फसल लूट, जमीन कब्जा करने, हत्या, लूट आदि अन्य जघन्य मामलों के कई मामले लंबित हैं. एक समय ऐसा था कि बुल्लन का गिरोह पुलिस के साथ भी दो दो हाथ करने में सक्षम था. 1990 के दशक में पुलिस के साथ हुए मुठभेड में बुल्लन बुरी तरह से घायल भी हो गया था. घटना स्थल पर पहुंचे खरीक के थानाध्यक्ष जेपी सिंह और झंडापुर ओपी के थानाध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने मामले की तहकीकात की है. देर रात बुल्लन का शव नवगछिया आने की संभावना है. इधर पूर्णियां में रह रही बुल्लन की पत्नी पूर्व पंचायत समिति सदस्य पूनम देवी को भी सूचना गा्रमीण स्तर से दे दी गयी है.
कहते हैं पुलिस पदाधिकारी
नवगछिया के एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन ने कहा कि बुल्लन का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. इन दिनों भी बुल्लन अपराधिक गतिविधि में रहा है. लेकिन वर्ष 2009 के बाद बुल्लन के विरुद्ध किसी तरह का मामला प्रकाश में नहीं आया है. फिर भी हत्या की वारदात क्यों हुई पुलिस इसकी छानबीन कर रही है. घटना स्थल पर खरीक थाना और झंडापुर थाने के पुलिस पदाधिकारियों को भेजा गया है.


