नवगछिया। डीडी दूरदर्शन में बिहार विहान कार्यक्रम के तहत नवगछिया के महदत्तपुर निवासी शालिग्राम ठाकुर के पुत्र अश्वनी आनंद का मंजूषा कला पर इंटरव्यू छह जून को होने जा रहा है जिसमें अपने जिले की पहचान अपनी संस्कृति मंजूषा कला को बिहार विहान के सभी दर्शकों तक मंजूषा कला के कथा चित्रों के माध्यम से रूबरू करवाएंगे।
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भागलपुर की लोककला दूरदर्शन के माध्यम से हो रही प्रसारित
अश्वनी मूल्यतः नवगछिया महदत्तपुर के निवासी हैं इन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई आदर्श उच्च विद्यालय तुलसीपुर जमुनिया से किया और प्लस टू की पढ़ाई जीबी कॉलेज नवगछिया से स्नातक की पढ़ाई कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स पटना ( पेंटिंग ) विषयों से किया। उसके बाद अभी मास्टर ऑफ फाइन आर्ट ( पेंटिंग ) की पढ़ाई महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ बनारस से कर रहे हैं।
इन्होंने मंजूषा कला की शिक्षा मंजूषा गुरु मनोज कुमार पंडित के द्वारा ली मंजूषा के बारीकियों को सीखा। अभी तक में बहुत सारे पेंटिंग के वर्कशॉप पेंटिंग और कला प्रदर्शनी लगाया। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय कामेश्वरनगर दरभंगा के विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग के द्वारा इन्हें एक मंजूषा कला के प्रशिक्षक के तौर पर अंगिका लोक पर्व मिथिला लोक पर्व में बुलाया गया था । उन्होंने बताया की मेरी पेंटिंग डिजिटल मीडिया के माध्यम से बिहार उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश उत्तराखंड रांची भागलपुर दरभंगा पटना इत्यादि जगह पर प्रकाशित हुई है ।

चित्रकार अश्वनी कहते है कि जिस प्रकार से बिहार की मधुबनी पेंटिंग पूरे विश्व में अपनी पहचान बनाई है ठीक उसी प्रकार से अपने भागलपुर की मंजूषा पेंटिंग में वह सारी खूबियां है जिससे कि पूरे विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सके। मंजूषा पेंटिंग को योग्य सम्मान दिलाने के लिए इस लोक कला की पारंपरिक परंपरा को जीवित रखने के लिए अश्वनी आनंद लगे हुए हैं।
