नवगछिया: आठवीं कक्षा में पढ़ते समय एक सड़क दुर्घटना में पिता का बायां पैर काटने के बाद पिता को बैसाखी के सहारे चलता देख अनुभूति ने धड़धड़ाती रेल को चलाने का सपना देखा था। जिसे उसने लगातार कड़ी मेहनत के बल पर अब हासिल कर स्टेशन मास्टर का पद प्राप्त कर अपने बचपन के सपने को पूरा कर दिखाया है। जिससे पूरे नवगछिया नगर परिषद क्षेत्र के साथ साथ जिले का नाम भी गौरवान्वित हो रहा है। इसके साथ ही नवगछिया की शहीद टोला निवासी सुबोध गुप्ता व वंदना कश्यप की सुपुत्री अनुभूति प्रिया को बधाई और शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है।
दरअसल, नवगछिया नगर की अनुभूति प्रिया उर्फ नेहा ने स्टेशन मास्टर बन कर एक मिशाल कायम की है। नवगछिया नगर परिषद के वार्ड 20 के रहने वाले सुबोध प्रसाद गुप्ता एवं वंदना कश्यप की पुत्री अनुभूति प्रिया का चयन स्टेशन मास्टर के रूप में हो गया है। अनुभूति प्रिया की इस उपलब्धि से परिवार के साथ साथ पूरे नगर में खुशी का माहौल है। वहीं अनुभूति प्रिया ने बताया कि वह एक मध्यम वर्गीय परिवार से हैं। उसने मैट्रिक रूंगटा बालिका उच्च विद्यालय से 2012 में की थी और टॉपर भी रहीं थी। इंटर साइंस भी रूंगटा बालिका उच्च विद्यालय से 2014 में की थी। इसके बाद 2017 में मदन अहल्या महिला महाविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास की।
स्नातक के बाद पटना में रह कर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। लेकिन, लॉक डाउन के समय घर वापस लौटना पड़ा। जिसके बाद से घर पर ही रहकर अपनी पढ़ाई को जारी रखा था। वहीं नेहा के पिता सुबोध गुप्ता ने बताया कि नेहा बचपन से ही बहुत शालीन और शांत स्वभाव की है। लेकिन इसने अपने मन में कई सपने को पाल रखा था, जिसमें से एक को पूरा कर लिया है। इसका अगला सपना एसएससी की परीक्षा में सफलता हासिल करना है।

अनुभूति प्रिया उर्फ नेहा जब आठवीं कक्षा में थी तो इनके पिता का एक दुर्घटना में बायां पैर कट गया था। जिसकी वजह से वो आज भी बैसाखी के सहारे ही चलते हैं। लेकिन पिता के सपना पूरा करने के लिए अनुभूति ने जी तोड़ मेहनत कर पिता के सपनो को ऊंची उड़ान दे ही दी। अनुभूति ने बताया की प्रोफेसर कॉलोनी चौक पर पापा की कॉस्मेटिक की छोटी सी दुकान है। जिससे वो 10 से 12 हजार तक महीना कमाते हैं। वहीं अनुभूति दो बहन में बड़ी है। एक छोटा भाई भी है जो बीएससी पार्ट 02 में पढ़ाई कर रहा है।

