नवगछिया : सड़क सुरक्षा सप्ताह के उपलक्ष में जीवन जागृति सोसाइटी के द्वारा हेलमेट पहनने हेतु संस्था द्वारा बनाया गया बड़े हेलमेट के साथ लोगों को नवगछिया और भागलपुर में जागरूक किया गया कि हेलमेट आपके जीवन की सुरक्षा करता है आप तो पहिया वाहन चलाएं चलाएं तो हेलमेट अवश्य पहनें। इसके अलावा संस्था के द्वारा नवगछिया के पुलिस लाइन में सीपीआर यानी का ऑडियो कार्डियो पलमोनरी रिससिटेशन की विधि एवं दुर्घटना होने के उपरांत दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति का रक्त स्राव कैसे रोका जाए, हड्डी टूट गया हो तो उसमें स्प्लिंट कैसे लगाया, जाए उठाते समय क्या सावधानी बढ़ता जाए खास करके गर्दन के हिस्से को बचाने हेतु, कोई कील, चाकू , छड़ इत्यादि शरीर के अंदर कहीं घुस गया हो तो क्या करना है
स्थानीय स्तर पर चादर और डंडे के द्वारा स्ट्रेचर कैसे बनाया जाए इत्यादि विषयों की जानकारी दी गई। फर्स्ट एड की जानकारी एनडीआरएफ से ट्रेनिंग के हुए लिए हुए युवक आशीष हरिओम एवं राहुल ने दिया जबकि सीपीआर के बारे में शिशु रोग विशेषज्ञ एवं सोसायटी के अध्यक्ष डॉक्टर अजय सिंह ने बताया। इस दौरान करीब पुलिस लाइन में करीब 60 पुलिसकर्मी उपस्थित हुए। इस कार्यशला में डमी (पुतले) पर बताया गया की दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति चाहे वह सड़क दुर्घटना में हो या जल दुर्घटना में या यहां तक हार्ट अटैक हो गया हो और ऐसा लगे कि उसकी सांसे रुक गई धड़कन रुक गया यानी पल्स नहीं मिल रहा है सांसे नहीं चल रही है तो ऐसी स्थिति में उसे अस्पताल ले जाने से पहले सीपीआर के द्वारा बचाने का कोशिश करें।
इस विधि से 40 से 60 प्रतिशत ऐसे लोगों की जान बच सकती है जो सी पी आर नहीं किया जाता तो उसकी मौत निश्चित थी सीपीआर के विधि से 1 मिनट में 100 के रफ्तार से शरीर के सबसे निचले हिस्से से दो उंगली ऊपर छाती के ठीक बीचोबीच हथेली को एक दूसरे के ऊपर के ऊपर रखकर 2:00 से 2:30 इंच तक दबाया जाता है इसमें 25 बार छाती दबाया जाता है और दो बार मुंह बंद कर साल दिया जाता है ऐसा लगातार करते रहना है जब तक की एंबुलेंस नहीं आ जाए या ले जाने की व्यवस्था नहीं हो जाए।

इस दौरान लगातार नवगछिया पुलिस कप्तान श्री सुशांत सरोज कार्यशाला में उपस्थित रहे और पुलिस जवानों को इसे सीखने के लिए प्रोत्साहित करते रहे। डॉक्टर सिंह के बताने के बाद पुलिस के कई जवानों को सीपीआर कराया भी गया ।एसपी श्री सुशांत सरोज ने जीवन जागृति सोसायटी एवं डॉक्टर अजय सिंह को धन्यवाद दिया उन्हें ऐसे लोगों को प्रशिक्षण दिया है जीने रोज दुर्घटना के ग्रस्त लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ता है हम उम्मीद करते हैं कि इस कार्यशाला के उपरान्त पुलीस और जानें बचा सकेंगी।उन्होंने संस्था को इसके लिए धन्यवाद दिया और पुलिस जवानों से कहा कि आप इसे जरूर अमल में लाएं और ज्यादा से ज्यादा लोगों का जिंदगी बचाएं

