बिहार बिजली नियामक आयोग द्वारा बिहार में बिजली के दरों में भारीभरकम वृद्धि की मंजूरी देने के बाद बिहार में सियासी पारा गर्म हो गया जिसके बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन की सरकार को बीच भंवर में ला खड़ा किया. नीतीश सरकार को हालांकि इसके बाद अपने हाथ पीछे खीचने पड़ा.
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गौरतलब है की इससे पहले इतना वृद्धि कभी एकबार में नहीं किया गया है. इस फैसले से हंगामा को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हस्तक्षेप के बाद लोगों को थोड़ा राहत मिलेगा. अब 55 फीसदी की भारी भरकम वृद्धि की जगह मात्र 28% ही बढ़ोतरी होगी. बिहार विद्युत विनियामक आयोग के फैसले के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रात में सब्सिडी जारी रखने का फैसला लिया जिसके बाद ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बढ़ोतरी में कटौती का एलान किया़.

आज बिहार विधानसभा सदन में सूबे के ऊर्जा विजेंद्र यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि बिहार सरकार अनुदान की राशि अब सीधे उपभोक्ता के खाता में भेजा जाएगा. अब अनुदान की राशि कंपनी को नहीं दिया जाएगा अब सरकार सीधे उपभोक्ता के खाता में भेजने का प्रावधान करने जा रही है. गौरतलब है की केंद्र में मोदी सरकार भी सब्सिडी की राशि सीधे बैंक अकाउंट में भेज रही है. अब बिहार सरकार भी इसी नक्शेकदम पर चलना शुरू कर दिया है.
