पटना : बिहार बोर्ड द्वारा मैट्रिक का रिजल्ट जारी करने का समय लगातार आगे की ओर बढ़ाया जा रहा है उसका सबसे बड़ा कारण है इंटर रिजल्ट के बाद बोर्ड और बिहार सरकार की सरेआम किरकिरी होना. इंटर रिजल्ट में मात्र 38 फीसदी ही परीक्षार्थी पास कर पाए जिसके बाद छात्र से लेकर छात्र संघ भी बोर्ड के खिलाफ सड़क पर उतर गया.

इंटर रिजल्ट के बाद पिछले साल की तरह ही इस साल भी टॉपर वाला जिन्न बोर्ड के पिटारे से निकल आया. शुरू हो गई सरकार और बोर्ड की किरकिरी. सत्ताधारी पार्टी और मंत्री जी पहले तो बचाव में उतरे और फर्जी टॉपर गणेश को दलित होने के नाम पर बचाने की भरपूर कोशिश करते दिखे लेकिन उम्र का खुलासा होने के बाद सारे लोग बेनकाब हो गए. इसी कारण से बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट में फूंक फूंक कर कदम रख रही है. फर्जी टॉपर से पीछा छोड़ाने के लिए नया तरकीब निकाला है. बोर्ड का यह तरकीब मैट्रिक टॉपरों के लिए सर दर्द बन गया है. इस लिस्ट में शामिल तमाम मैट्रिक के परीक्षार्थियों को फिजिकल वेरिफिकेशन में शामिल होने के लिए बुलाया गया है. लेकिन परेशानी यह है कि सभी लोग बिहार में हैं ही नहीं ये लोग परीक्षा देकर गे की पढ़ाई अौर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए पटना से बाहर कोटा, दिल्ली, हैदराबाद, विशाखापट्टम के अलावे अन्य शहरों में गए हुए हैं.

बोर्ड के आदेशानुसार जैसे-तैसे बोर्ड के कार्यालय पहुँच रहे हैं, सूत्रों की मानें तो टॉप 20 छात्र एक ही विद्यालय के हैं. एक अभिभावक ने नाम नहीं छपने के शर्त पर कहा कि किसी तरह यहां आये हैं तत्काल टिकट भी नहीं मिल सका. मजबूरी में 10 हजार का टिकट प्लेन से सीधे यहां आये हैं. गौरतलब है कि आठ एक्सपर्ट की टीम टॉपर का इंटरव्यू लेने व फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए बनाया गया है जो किसी भी फर्जी टॉपर को टॉपर बनने से रोका जायेगा. हर एक्सपर्ट एक विषय में टॉपर का इंटरव्यू ले रहे हैं. ये एक्सपर्ट टॉपर से विषय से सम्बंधित सवाल पूछ रहे हैं टॉपर के आते ही इन्टरव्यू का दौर शुरू हो जाता है इसके कारण कार्यालय को भी सील कर दिया गया है. किसी की भी बाहर से इंट्री पर रोक लगा दी गई है.

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By न्यूज़ डेस्क

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