भागलपुर: प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत जिले में जेनेरिक दवाओं की दुकानें खोली जाएंगी। इन दुकानों में 500 दवा और 150 सर्जिकल आइटम के साथ-साथ माता और शिशु के लिए कॉस्मेटिक सामान भी उपलब्ध रहेंगे। इससे मरीजों को सस्ती कीमत पर सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। भागलपुर में सूबे के अन्य शहरों की तरह जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता मेडिकल स्टोरों में काफी कम है। सरकार ने इन दवा दुकानों को खोलने के लिए नियम व शर्तें काफी आसान रखी हैं। योजना से न सिर्फ मरीजों की सस्ती कीमत पर दवाएं उपलब्ध होंगी बल्कि आम लोगों को भी जेनेरिक दवा दुकानें खोलने में आसानी होगी।
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कोई भी भर सकता है आवेदन योजना के तहत दवा दुकान खोलने के लिए कोई भी मेडिकल अस्पताल प्रशासन या फिर सिविल सर्जन को आवेदन दे सकता है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल ने बताया कि इस योजना का लाभ किसी भी एनजीओ, व्यक्ति को मिल सकता है। आवेदन पटना स्थित केमिकल एंड फर्टिलाइजर विभाग को भेजा जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से सहमति मिलते ही दुकान खोलने की प्रक्रिया अपनायी जाएगी। दवा दुकान मेडिकल अस्पताल से लेकर पीएचसी स्तर पर खोली जा सकती है। अगर कोई निजी नर्सिंग होम वाले चाहते हैं तो उनके उन्हें भी दुकान खोलने की स्वीकृति दी जाएगी।

भागलपुर, पटना, गया और मुजफ्फरपुर में होगा भंडार पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया में जेनरिक दवाओं के भंडार बनाये जाएंगे। यहां से पूरे बिहार में जेनेरिक शॉप पर दवा और कॉस्मेटिक सामान भेजे जाएंगे। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य सह बक्सर के सांसद अश्विनी चौबे से इस संबंध में बातचीत भी हुई। उन्होंने कई बिंदुओं पर निर्देश भी दिए। इस पर योजनाबद्ध तरीके से आगे का काम किया जाएगा। जिलेभर में अभी जेनेरिक दवा की एक भी दुकान नहीं फिलहाल जिले में कहीं पर भी सरकारी अस्पताल में जेनिरक दवा दुकान नहीं है। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत दवा दुकान खुलने के बाद मरीजों को कम से कम कीमत पर सारी दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। जीवन रक्षक दवा भी उपलब्ध रहेंगी। इन दुकानों पर कैंसर, किडनी, हृदय की बीमारी के मरीजों को कम से कम कीमत पर दवा मिलेगी।

