पटना : अंजनी कश्यप, बिहार की राजधानी पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक कार्रवाई ने गुरुवार की सुबह ही पटना पुलिस को झकझोर डाला. राजधानी के बेउर थानाध्यक्ष राकेश कुमार को निगरानी की टीम ने एक परिवादी से सवा लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. बता दें की राकेश कुमार को हाल ही में बेउर थाना की कमान सौंपी गई थी.
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खबर हैं की पटना के बेउर जेल का थाना प्रभारी राकेश यादव को निगरानी की टीम ने 1.25 लाख रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया है. बेउर जेल के थाना प्रभारी राकेश यादव कच्ची दरगाह के रहने वाले अमरेंद्र कुमार से बेउर में स्थित उनकी जमीन को लेकर चल रहे विवाद के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए 1.25 लाख रुपये की मांग कर रहे थे. निगरानी ब्यूरो के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राकेश कुमार दवारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पटना के कच्ची दरगाह के रहने वाले अमरेंद्र कुमार नामक व्यक्ति ने दो दिन पूर्व ही दर्ज कराई थी. सुचना के अनुसार बेउर थानाक्षेत्र में अमरेंद्र कुमार की जमीन का एक प्लॉट है जिसको लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा है.

तीन-चार दिन पहले जमीन की मापी के दौरान दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल भी हो गए. इस घटना की सूचना बेउर थाने को दी गई और थोड़ी देर में ही मौके पर पुलिस पहुंच गई. बेउर थाने की पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल भेजकर उनकी इंज्यूरी रिपोर्ट भी तैयार करवा लिया.
लेकिन जब पीडि़त पक्ष ने थाने में मारपीट करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा तब थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने इसके लिए सवा लाख रुपये की मांग कर दी. उनका कहना था कि इसमें एक लाख रुपये मुझे चाहिए और बाकी के 25 हजार रुपये थाना में पदस्थापित अन्य पुलिसकर्मियों के लिए.निगरानी की यह टीम थानाध्यक्ष के कक्ष के बाहर ही घात लगाए इंतजार कर रही थी. जैसे ही अमरेंद्र कुमार ने थानाध्यक्ष के कक्ष में जाकर उसे 1.25 लाख रुपये की रिश्वत थमाई, वहां घात लगाए निगरानी ब्यूरो की टीम ने थानाध्यक्ष को उसके कार्यालय कक्ष से ही रंगे हाथों दबोच लिया.

