पटना: बिहार के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आती है शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में जल्द ही सभी विषयों के 19 हजार 864 शिक्षक बहाल किये जाएंगे। इसके लिए पद चिह्नित कर पदवर्ग समिति को भेजे गये हैं। इसी माह समिति इस पर निर्णय लेगी। इसके बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी.
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आशोक चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को शिक्षक और स्नातक क्षेत्र के विधान पार्षदों के साथ शिक्षक और विद्यालयों की समस्या पर लम्बा विमर्श हुआ. 19 बिन्दुओं पर हुए इस विमर्श में शिक्षा मंत्री ने विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन समेत सभी आलाधिकारियों की मौजूदगी में विभाग की कार्ययोजना रखी.बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजकीय एवं प्रोजेक्ट माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति 30 सितम्बर के पूर्व हो जाएगी.उन्होंने कहा की हाईस्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की कमी दूर कर ली गया है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जनशिक्षा के अनुदेशकों को विभाग ने नियुक्त किया है इनमें से एक-एक कर्मी को प्यून के रूप में सितम्बर तक सभी हाईस्कूल में तैनात कर दिया जाएगा
डॉ. चौधरी ने बताया कि हाईस्कूलों में क्लर्क के खाली पद अगस्त में कर्मचारी चयन आयोग को नियुक्ति के लिए भेज दिये जाएंगे. इसके लिए सभी जिलों से क्लर्क के रिक्त पदों का ब्योरा मांगा गया है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाईस्कूलों को राज्य सरकार ने संसाधनों से लैस किया है. इनके उपस्करों की सुरक्षा जरूरी है. इसके लिए राज्य के चार हजार हाईस्कूलों में एक-एक रात्रि प्रहरी नियुक्त किए जाएंगे. फिलहाल चार हजार रुपए मासिक के मानदेय पर नियुक्ति होगी। बाद में सुरक्षा प्रहरियों की स्थायी नियुक्ति सरकार करेगी.
बैठक में उच्च विधालय में गणित, साइंस, अंग्रेजी समेत कई विषयों में योग्य शिक्षक नहीं मिलने की समस्या उठी. विधान पार्षदों ने विश्वविद्यालय सेवा आयोग की तर्ज पर विद्यालय शिक्षक चयन आयोग के गठन की मांग की. इस पर शिक्षा मंत्री ने विचार करने का भरोसा दिया. बैठक में तय हुआ कि राज्य में बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग की डिग्री लेकर बेरोजगार बैठे नौजवानों को शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए केन्द्र सरकार को स्वीकृति के लिए जल्द ही भेजा जाएगा.

