एक नवनिर्मित मकान में बने सेप्टिक टैंक की सेंटरिंग खोलने के दौरान जहरीली गैस के रिसाव से दम घुटने से चार मजदूरों ने दम तोड़ दिया। वहीं एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
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रविवार को सोनवर्षा मुख्य बाजार स्थित हटिया रोड निवासी नजराना परवीन के निर्माणाधीन मकान में कुछ मजदूर सुबह काम करने गए थे। वहां सीढ़ी के नीचे बनाए गए सेप्टिक टैंक की सेंटरिंग खोलने के लिए पांच मजदूर अंदर घुसे। काफी देर तक कोई आवाज नहीं सुन बाहर खड़े अन्य मजदूरों ने शोर मचाया।
शोर सुनकर जुटे लोगों ने टैंक का ढक्कन तोड़कर अंदर गए मजदूरों को निकालने का प्रयास किया। लेकिन वे विफल रहे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सोनवर्षा थानाध्यक्ष और फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने मजदूरों का निकालने का प्रयास किया, लेकिन वे भी असफल रहे। फिर पीएचसी से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाकर एक अन्य मजदूर राजा विश्वास को मास्क पहना कर टंकी के अंदर भेजा गया। फिर उसकी मदद से सभी मजदूरों को एक-एक कर बाहर निकाला गया।

उसके बाद सभी मजदूरों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मुकेश कुमार शर्मा (25 वर्ष), रूपेश विश्वास (28 वर्ष), सुजीत विश्वास (23 वर्ष) और मनोज विश्वास (32 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। एक मजदूर सुशील विश्वास की चिंताजनक स्थिति देख उसे सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया गया।
सदर अस्पताल में भर्ती मजदूर को देखने पहुंचे एसडीओ शंभूनाथ झा ने बताया कि टैंक का ढक्कन खोलने के तुरंत बाद ये मजदूर अंदर चले गए। अंदर संभवत: जहरीली गैस के रिसाव होने के कारण दम घुटने से इन चारों की मौत हुई है। मृत मजदूरों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा देने की प्रक्रिया की जा रही है।

