खरीक के कालूचक में कार्नर के समीप जमीनदारी तटबंध के नीचे करीब दो सौ मीटर की लम्बाई में कोसी नदी का कटाव तेज हो गया है। रविवार को भी लोगों की जमीन कटकर नदी में समाती रही। यह देख बहियार में रहने वाले कई किसान अपने मवेशी के साथ सुरक्षित स्थान पर चले गये हैं।
लोगों ने बताया कि यहां करीब 15 दिनों से कटाव हो रहा है। शुरू में यहां पर लगभग 50 मीटर की लम्बाई में कटाव हो रहा था, जो अब धीरे-धीरे जमीनदारी तटबंध की ओर बढ़ता जा रहा है। इस कारण लोगों में दहशत का माहौल है। किन्तु विभाग उदासीन रवैया अपनाये हुए है। इससे लोगों में रोष पनप रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर कटाव पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो जमीनदारी तटबंध भी कट कर नदी में समा जाएगा।

इसके बाद कालूचक, ढोरिया, विश्वपुरिया समेत कई गांव जलमग्न हो जाएंगे। अब कटाव स्थल एवं बांध के बीच मात्र सौ मीटर की दूरी है।पदाधिकारियों के निरीक्षण के बाद लोगों में बढ़ रहा आक्रोशकटाव की सूचना मिलने पर विभाग के पदाधिकारी कालूचक पहुंच कर कटाव स्थल का निरीक्षण किया।
इस मौके पर ग्रामीण पहुंचकर तीन सौ मीटर की लम्बाई में कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की ताकि कटाव से निजात मिल सके। लेकिन पदाधिकारियों ने लोगों से कहा कि यहां पर कटाव निरोधी कार्य शुरू करने के लिए स्वीकृति लेनी होगी, जो बाढ़ के बाद ही संभव है। ग्रामीणों को आश्वत करते हुए कहा कि बांध को किसी भी हालत में कटने नहीं दिया जाएगा। वहीं इस बात से लोगो में आक्रोश व्याप्त है।


