गोपालपुर। प्रखंड के धरहरा गांव में पिछले करीब 10 दिनों से डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, इस अवधि में करीब 40 लोगों में डेंगू जैसे लक्षण पाए गए हैं। इनमें कई मरीजों का इलाज भागलपुर के मायागंज अस्पताल में चल रहा है, जबकि दो मरीजों को गंभीर स्थिति में बेहतर उपचार के लिए पटना रेफर किए जाने की जानकारी है।

मायागंज अस्पताल में विनीत कुमार, सूचो कुमार, ओपिंदर सिंह, मोनी कुमारी, मृत्युंजय कुमार, मनीष कुमार और ललित कुमार समेत अन्य मरीजों का इलाज जारी है। वहीं प्रमोद कुमार (25) और मनीष कुमार (40) को आगे के इलाज के लिए पटना भेजा गया है।

10 दिनों में तेजी से बढ़े मरीज

ग्रामीणों मुकेश कुमार, बहादुर कुमार, बूचो कुमार, अजय कुमार और लड्डू सिंह ने बताया कि करीब 10 दिनों से गांव में लगातार बुखार और डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीज सामने आ रहे हैं। इससे ग्रामीणों में बीमारी के फैलने को लेकर भय का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने गोपालपुर पीएचसी के प्रभारी को भी स्थिति की जानकारी दी थी। हालांकि, उनका आरोप है कि बीमारी की रोकथाम के लिए अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल ले जाने पर उन्हें सीधे मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।

दिन में काटता है डेंगू फैलाने वाला मच्छर

डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय काटता है। डेंगू की आशंका होने पर अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी और शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

नाक या मसूड़ों से खून आने जैसे असामान्य रक्तस्राव की स्थिति गंभीर संकेत हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।

घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें

डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना बेहद जरूरी है। पुराने टायर, टूटे बर्तन, डिब्बे, गड्ढे और ऐसे अन्य स्थानों की नियमित सफाई करनी चाहिए, जहां पानी जमा हो सकता है।

पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखने के साथ उनकी नियमित सफाई भी जरूरी है। दिन में भी मच्छरदानी का इस्तेमाल, शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनना और मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का उपयोग मच्छरों से बचाव में मदद कर सकता है।

झोलाछाप से इलाज नहीं कराने की अपील

अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पिंकेश कुमार ने लोगों से अपील की है कि डेंगू की आशंका होने पर झोलाछाप या ग्रामीण चिकित्सक से इलाज कराने के बजाय सरकारी अस्पताल अथवा योग्य चिकित्सक से संपर्क करें।

उन्होंने लोगों से डेंगू के संभावित लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और गंभीर लक्षण सामने आने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है।

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By न्यूज़ डेस्क

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