गीत, गाना हो या संगीत जो भी कहिये, ये एक ऐसी चीज़ है जो इन्सान के दिमाग को रिफ्रेश कर देती है. जिसमे सबकी अपनी अलग-अलग पसंद होती है किसी को पुराने सदाबहार गीत पसंद होते है तो किसी को नये ढ्हिक-चिक ढहिक-चिक वाले गाने. किसी के पैर भोजपुरी गीत सुनते ही थिरकने लगते है, तो कोई ट्रांस सुन कर खुद को रोक नहीं पता है. सुबह उठते ही हम गीत सुनते है, कुछ लोग तो नहाते समय भी रीमिक्स गाने सुनते है. अकेलेपन में ये संगीत ही हमारा साथी बनता है. टूटे हुए दिल पे मरहम जैसा काम करता है. मतलब जैसी भी इंसान की स्तिथि हो यह संगीत हमेशा हमारा साथ देता हैं.

लेकिन एक ऐसी गीत है जिसे सुनने के बाद लोग आत्महत्या करने लगते है, सुनने में ठोडा अजीब लगे लेकिन हैं यह सच. और आपको यह जान कर हैरानी भी होगी की ब्रिटेन, हंगरी जैसे कई अन्य देश ने इस ‘स्यूसाइड सॉंग’ को रेडियो, टेलीविज़न, पब या किसी भी सार्वजानिक जगह पे बजाने की मनाही कर रखी है.
इस स्यूसाइड सॉंग का असली नाम “ग्लूमी सन्डे” है जिसे रेजसो सेरेस ने लिखा और गया था. रेजसो सेरेस बहुत अच्छी पियानो बजाया करते थे. वो एक संगीतकार बनना चाहते थे, उन्हों ने काफी कोशिश भी की. लेकिन उन्हें कही ब्रेक नहीं मिला. जब पैसों की तंगी होने लगी तो सेरेस की गर्ल फ्रेंड ने उन्हें कुछ छोटा-मोटा काम करके कमाने कि सालाह दी. सलाह न मानने पर उन्ही गर्लफ्रेंड ने उन्हें हमेशा के लिए छोड़ दिया, जिस से की वो बहुत प्यार करते थे.

उदासी भरी आवाज़ में गा दिया. यह गीत ‘ग्लूमी सन्डे’ उस समय उनके दोस्तों के बीच काफी मशहुर हुआ और आगे चल कर ये गीत पूरी दुनिया के लोगों की जाबां पे चड्ढ गया.
इस गाने के हिट होते ही रहस्मई घटना भी घटने लगी. सबसे पहली घटना बर्लिन में हुई, जहाँ एक लड़के ने इस गाना को सुन कर खुद को गोली मार ली. हंगरी में एक लड़की ने इस गाना को सुनकर खुद को पानी में डुबो लिया. वहीं न्यू यॉर्क में एक बुड्ढे ने सातवी मंज़िल से कूद के जान दे दी, जिसकी वजह यह गाना था. आज अगर आप ये गाना सुनेंगे तो आप खुद भी हैरान हो जायेंगे की आखिर इस गाने में है क्या की लोग इसे सुनते ही आत्महत्या कर लेते है.

