
नवगछिया : नवगछिया का शहरी और ग्रामीण इलाका रविवार की संध्या भक्त प्रह्लाद और मोर मुकुट वंशी वाले के जय कारों से गूंज उठा | यह जयकारा क्षेत्र के आस पास के ही लोग, युवक और बच्चे लगा रहे थे |
होली के मौके पर भक्त प्रह्लाद और मोर मुकुट वंशी वाले का जयकारा लगाते हुए लोगों की टोलियाँ धीरे धीरे होलिका दहन स्थल की ओर बढ़ती देखी गयी | जिनके हाथों में गोबर से बने छोटे छोटे उपलों की माला, खेतों में तैयार हो रही नयी फसल गेहूं व चना की बालियाँ और एक एक बर्तन भी थे |


क्या कहते है ललीत बाबा
ललीत बाबा ने बताया कि इस दिन अपनी राशि के स्वामी के अनुसार अगर पौधों के जड़ की आहुति दी जाय तो भाग्य हमेशा साथ देता है और होलिका के राख को घर ला के होली के दिन पुरे शारीर में लगाने से किस तरह का रोग शारीर को ग्रसित नहीं करता है
ये सभी एक जगह जमा हो कर होलिका दहन के कार्यक्रम को सम्पन्न किया | इस तरह का कार्यक्रम नवगछिया में घाट ठाकुरबाड़ी में युवाओ के द्वारा जल, चाय, कॉफ़ी, और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था की गयी इसके अलावे बाल भारती, मक्खातकिया, नयाटोला इत्यादि कई जगहों पर मनाया गया | जहां इस होलिका दहन की ज्वाला में लोगों को नयी फसल की बालियों को सेंकते देखा गया | वही बाद में इन लोगों द्वारा इस होलिका की जलती ज्वाला को बर्तन में उठा कर अपने घरों को भी ले गए |

