नवगछिया: नवगछिया अनुमंडल का इस्माईलपुर प्रखंड आज भी विकास के मामले में पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता है। क्षेत्र के कई गांवों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, शुद्ध पेयजल और आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कई गांवों की सड़कें कीचड़मय हो जाती हैं और जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए नवगछिया या भागलपुर का रुख करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई इलाकों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि विद्यालय भवनों, शिक्षकों की उपलब्धता तथा अन्य आधारभूत संसाधनों में सुधार की आवश्यकता है।

हर वर्ष बना रहता है विस्थापन का खतरा
गंगा कटाव प्रभावित क्षेत्र होने के कारण इस्माईलपुर प्रखंड के कई गांवों के लोगों पर हर वर्ष विस्थापन का खतरा मंडराता रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल व्यवस्था और अन्य विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों के बावजूद अधूरी विकास की उम्मीदें
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व और वर्तमान दोनों समय में जिला परिषद अध्यक्ष पद पर इस्माईलपुर प्रखंड के प्रतिनिधि काबिज रहे हैं। छोटी परबत्ता निवासी नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल लगभग 20 वर्षों तक विधायक रहे। वहीं वर्तमान ऊर्जा मंत्री Shailesh Kumar ने वर्ष 2014 में भागलपुर लोकसभा चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री के आह्वान पर इस्माईलपुर पश्चिमी भिट्ठा को सांसद आदर्श ग्राम के रूप में गोद लेकर विकास का वादा किया था। बावजूद इसके क्षेत्र के लोग आज भी कई बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
भवन और आवास की समस्या
इस्माईलपुर प्रखंड कार्यालय वर्तमान में स्वयं सहायता समूह के भवन में संचालित होता है, जबकि अंचल कार्यालय पुराने पंचायत भवन में चल रहा है। बीआरसी भी एक विद्यालय के कमरे से संचालित हो रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकांश कर्मी नवगछिया और भागलपुर से आना-जाना करते हैं, जिससे समय पर कार्यालय संचालन प्रभावित होता है।
कुछ क्षेत्रों में हुआ है सुधार
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सड़क और बिजली व्यवस्था में सुधार देखने को मिला है। कई विद्यालयों को उत्क्रमित कर इंटर स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके बावजूद प्रखंड मुख्यालय में आज तक किसी राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा नहीं खुल सकी है। बाढ़ के दौरान प्रखंड और अंचल कार्यालयों को नवगछिया स्थानांतरित करना पड़ता है, जिससे प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ता है।

