भागलपुर: युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी अरुण कुमार यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार नही चाहती है कि भागलपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना हो.उन्होंने कहा कि भागलपुर जिला मुख्यालय स्थित जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय व अस्पताल के समीप स्वास्थ्य विभाग की दो सौ एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिस पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का निर्माण हो सकता है।
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श्री यादव ने कहा कि बिहार में केंद्र सरकार ने दूसरा एम्स खोलने की घोषणा की है। भारत सरकार द्वारा बिहार सरकार को भेजे गये एम्स के जमीन के लिए चयनित जिले के सूची में भागलपुर का नाम नही है. जब कि भागलपुर स्वास्थ्य विभाग को छोड़कर बिहार के किसी जिले में स्वास्थ्य विभाग को दो सौ एकड़ जमीन उपलब्ध नही है. इसलिए केंद्र सरकार और बिहार सरकार को दूसरा एम्स खोलने के लिए भागलपुर का चयन करना चाहिए। भागलपुर एम्स से संबंधित हर मानक को पूरा करता है। पूर्व बिहार, सीमांचल, कोसी सहित 14 जिले के लोगों के लिए भागलपुर शहर आना सुलभ और सरल है। इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए दिल्ली,कलकत्ता, पटना व सिल्लीगुड़ी जाते हैं। इससे गरीबों को परेशानी होती है.


श्री यादव ने कहा कि मार्च 2015 में भागलपुर के सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने लोकसभा में नियम 377 के तहत मुद्दा उठाते हुए कहा था कि भागलपुर में एम्स बनाया जाना चाहिए. बजट के बाद उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर भागलपुर में एम्स बनाये जाने की मांग की. इधर 31 मार्च 2017 को भी एक बार फिर बुलो मंडल ने लोक सभा में भागलपुर में एम्स बनाये जाने काे लेकर आवाज बुलंद की. बहस के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था कि अभी तकदूसरे एम्स निर्माण के लिए जमीन ही मुहैय्या नहीं करायी गयी है. न तो कोई स्थान चयन कर केंद्र को दिया गया. 12 अप्रैल को सांसद बुलो मंडल ने एक बार फिर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करते हुए पत्र दिया.18 मार्च को बिहपुर की विधायक वर्षा रानी ने भी विधान सभा में इस मुद्दा को उठाया।
