खरीक : खरीक प्रखंड के चोरहर कोसी नदी अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है जला स्तर में कमी होने के साथ ही कोसी अपना तांडव स्व रूप धारण कर लिया है कोसी नदी के भीषम कटाव से अब चोरहर उजरने के कगार पर है. तेज कटाव से बड़े-बड़े चट्टान और पेड़ पौधे मस्त होकर कोसी में समा रहे हैं. स्थानीय ग्रामीण मूकदर्शक बने हुए. बीते 15 दिनों से लगातार हो रही भीषण कटाव से ग्रामीणों में दहशत है. खून पसीना एक कर बरसों की कमाई से लोगों ने बड़ी मुश्किल से घर बनाया
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आप लोगों के घर कटाव के मुहाने पर है लाखों की लागत से बने घर कभी भी ध्वस्त होकर खुशी में समा जाएंगे तकरीबन 50 लाख की से अधिक लागत की बनी काली मंदिर बीते साल ध्वस्त होकर कोशी में समा गया कटाव की भयावहता से ग्रामीण रतजगा कर रहे हैं लोगों को लग रहा है कभी भी उसके घर आशियाने दस्त होकर कोसी में समा जाएंगे घटाओ के खौफ से लोगों में दहशत का माहौल है जिन लोगों के घर कटाव के मुहाने पर है उन लोगों ने घर को खाली कर दिया और पलायन करने लगे.

कटाव रोकने में विभाग सुस्त है रोज मस्त होकर बड़ी बड़ी चट्टान है उसी में समा रही है सड़क ध्वस्त होकर कोसी में समा गए आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गई है इसके बावजूद भी जल संसाधन विभाग के बचाव टीम और प्रशासनिक पदाधिकारियों की उदासीनता से लोग परेशान और लाचार दिख रहे हैं बचाव कार्य के नाम पर महज खानापूर्ति हो रही है ग्रामीणों का कहना है हम चोरहर वासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है
अब तक किसी भी जनप्रतिनिधियों ने चोर हर आकर सुध नहीं ली स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी गई लेकिन कोई भी ग्रामीणों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है की कटाव का यही सिलसिला लगातार जारी रहा तुम बहुत जल्द ही पूरी की पूरी बस्ती ध्वस्त होकर खुशी में समा जाएगी हम लोगों का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है और विलंब भी संकटों से चोरहर में बचाव कार्य तेज करने की जरूरत है इस संदर्भ में पूछे जाने पर खरीक अंचलाधिकारी निलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि चोरहर में हो रहे कटाव का निरीक्षण कर बचाव कार्य करने के लिए जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया जाएगा.

