नवगछिया : रंगरा प्रखंड क्षेत्र के भगवती क्रीडा मैदान में हो रहे त्रिदिवसीय नव चंडी महायज्ञ के प्रवचन के दौरान स्वामी आत्मानंद जी महाराज ने कहा समाज के अंदर, मनुष्य के अंदर फैले राक्षस का नाश करती है माता दुर्गा ।
उन्होंने कहा कि महर्षि विश्वामित्र को भी माता दुर्गा की साधना करनी पड़ी थी ।महर्षि विश्वामित्र को साधना के बाद माता दुर्गा ने साक्षात दर्शन दिया था। दर्शन के बाद माता दुर्गा ने महर्षि विश्वामित्र को कहा कि हम से पहले तुम्हें मा तारा की आराधना करनी होगी। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र ने मा ता रा की आराधना शुरू कर दी ।इसी क्रम में शास्त्रों में वर्णित तथ्यों के आधार पर बताया जाता है कि नवगछिया के समीप कोसी नदी के किनारे महर्षि विश्वामित्र ने मा ता रा की आराधना की थी। जिसके फलस्वरूप आज भी कोसी किनारे नगरह बैसी के समीप मा तारा का मंदिर स्थापित है। जहां आज भी मा तारा का साक्षात दर्शन किया जा सकता है। प्रवचन के दौरान आसपास के दर्जनों गांव के लोगों ने कथा प्रवचन का लाभ उठाया।

