पीएम मोदी सरकार बेरोज़गारों को नौकरी देने के लिए एक्शन प्लान बनाकर उसपर काम करने की कोशिशों में जुट गई है। डिजिटल इंडिया का मिशन लिए सरकार की मंशा ने साफ़ कर दिया है कि इस बार डिजिटल सेक्टर में ही बंपर भर्तियां की जाएंगी।
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नोटबंदी के बाद कैशलेस इकोनॉमी की ओर बढ़ते भारत में इस साल करीब ढाई करोड़ नौकरियां बढऩे का अनुमान है। सरकारी दफ्तरों, बैंकों और निजी कंपनियों की डिजिटल सेवाओं में ये नौकरियां पैदा होंगी। इस संबंध में केंद्र सरकार ने अपनी रिपोर्ट जारी की है।
वाणिज्य मंत्रलय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट पीएमओ को भेजी गई है। इसमें नोटबंदी के बाद डिजिटल सेवा से जुड़ी नौकरियों का अध्ययन किया गया।
उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के महकमों में डिजिटल विशेषज्ञों, सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, प्रोग्रामर और के तकनीकी जानकारों की मांग में वृद्धि होगी।
सरकार का कहना है कि अक्टूबर 2017 के बाद से इन पदों पर भर्ती शुरू होगी। ऐसे में बेरोज़गार युवाओं के लिए सरकार की तरफ से संकेत साफ़ दिखाई दे रहे हैं कि भविष्य में डिजिटल सेक्टर में ही नौकरियों के सबसे ज़्यादा अवसर मिलेंगे।
