मुहर्रम और दुर्गापूजा के एक साथ होने के कारण कई जिलों में उपद्रवियों ने मौके का खूब फायदा उठाया. जमुई में उपद्रवियों का तांडव इतना बढ़ गया कि प्रशासन को इंटरनेट सेवा तक बंद कर देनी पड़ी. दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया. जिलाधिकारी पर भी हमला किया गया. वहीं, सीतामढ़ी में दूसरे दिन हिंसक झड़प के बावजूद 77 लोगों को हिरासत में लिया गया है. इसके अलावा बगहा और गया में भी उपद्रवियों का तांडव देखने को मिला.

दूसरे दिन भी अशांत रही जमुई, तोड़फोड़, आगजनी व फायरिंग, बंद रहा बाजार, इंटरनेट सेवा ठप

जमुई शहर लगातार दूसरे दिन भी अशांत रहा. सोमवार सुबह प्रशासन की मौजूदगी में ताजिया जुलूस निकालने की कोशिश के बाद स्थिति फिर बिगड़ गयी. पहले तो पथराव शुरू हुआ और देखते ही देखते पूरा इलाका रणभूमि में तब्दील हो गया. लोग घरों में दुबक गये. उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की. दुकानों को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान एक बार गोली चलने की भी आवाज सुनाई दी. गोली लगने से दो घायल हो गये, जिसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है. हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि गोली किसने चलायी. उपद्रव को देखते हुए जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी है. जिला प्रशासन ने मंगलवार को विद्यालय बंद रखने की घोषणा की है. पूरे शहर में सीआरपीएफ जवानों की तैनाती की गयी है.

जानकारी के अनुसार, रविवार शाम डीआइजी विकास वैभव ने शांति समिति की बैठक में लोगों से शांति बरतने की अपील की थी. शहर में शांति व्यवस्था बना कर ताजिया जुलूस निकालने की कोशिश की गयी थी. इसके बाद स्थिति फिर बिगड़ गयी तथा छतों से पत्थरबाजी शुरू हो गयी. शहर के महाराजगंज, महिसौड़ी, बोधवन तालाब, थाना चौक आदि मुहल्ले पूरी तरह से इस तनाव की चपेट में थे. आलम यह था कि सड़कों पर बोतल और पत्थर ही दिख रहे थे. लोग डर के मारे अपने घरों में कैद हो चुके थे. जिले के वरीय चिकित्सक डॉ अरुण कुमार के घर उपद्रव कर रहे लोगों ने हमला कर दिया. इस दौरान उपद्रवियों ने चिकित्सक के घर के बाहर खड़े वाहनों को निशाना बनाया तथा वाहनों के शीशे तोड़ दिये. स्थिति यह थी कि पुलिस अधीक्षक जयंतकांत खुद हाथों में डंडा लिये सड़क पर दौड़ते नजर आये.

शहर के महाराजगंज इलाके में ताजिया जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी डॉ कौशल किशोर को भी उपद्रवियों के रोष का सामना करना पड़ा. इस दौरान घर की छतों से उपद्रवियों ने जिलाधिकारी पर भी पत्थर बरसाना शुरू कर दिया. स्थिति बिगड़ते देख पुलिस उप महानिरीक्षक विकास वैभव खुद प्रोटेक्टर पहन बाजार में निकल पड़े. मौके पर मौजूद सुरक्षा बल के जवानों ने उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका. उपद्रवियों ने शहर के कचहरी चौक स्थित जूते की एक शो-रूम, बाइपास रोड स्थित टायर की दुकान, गराज, हरनाहा चौक स्थित टायर शो-रूम सहित कई अन्य दुकानों को अपना निशाना बनाया. उपद्रवियों ने इस दौरान उक्त सभी दुकानों को आग के हवाले कर दिया.

दोपहर बाद जमुई विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अजय प्रताप ने शहर में घूम-घूम कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की. शहर के हर इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है. इस दौरान बिहार पुलिस, बीएमपी, सैप, एसएसबी, सीआरपीएफ के जवानों को शहर की सुरक्षा में लगाया गया है. डीआइजी विकास वैभव खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं.

सीतामढ़ी में हिंसक झड़प मामले में 77 लोग गिरफ्तार

सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया, बोखड़ा, बाजपट्टी, परिहार आदि इलाकों में सोमवार को दूसरे दिन भी हिंसक झड़प का दौर जारी रहा. इस दौरान अलग-अलग स्थानों से पुलिस ने 77 लोगों को गिरफ्तार किया है. घटना के बाद डीआइजी अनिल कुमार सिंह सीतामढ़ी पहुंच कर कैंप कर रहे हैं. प्रभावित इलाकों में सशस्त्र बल तैनात है. रविवार को जहां परिहार, बाजपट्टी, नानपुर, डुमरा व बैरगनिया के इलाकों में हिंसक झड़प हुई थी, वहीं सोमवार को सीतामढ़ी शहर के जानकी स्थान मोहल्ले के पास एक युवक की पिटाई के बाद फैले अफवाह की आग इस कदर फैली की दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गयी. दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ. मौके पर पहुंची पुलिस की टीम को स्थिति नियंत्रित करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी. डीएम राजीव रोशन, एसपी हरि प्रसाथ एस व एएसपी ऑपरेशन संदीप कुमार नीरज के मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया. वहीं, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. एहतियात के तौर पर जगह-जगह सशस्त्र बल तैनात कर दिया गया है.

इधर, जानकी स्थान के आसपास के इलाकों की नाकेबंदी कर दी गयी है. शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. परिहार प्रखंड अंतर्गत बेला थाने के बेला व नोचा में रविवार को हुए हिंसक झड़प के बाद तनाव के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, घटना को लेकर बेला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर तीन दर्जन लोगों को नामजद करते हुए सैकड़ों अज्ञात को भी आरोपित किया गया है. इलाके में धारा-144 लागू है. बीडीओ निरंजन कुमार व सीओ किशोर पासवान के अलावा पुलिस अधिकारियों की टीम कैंप कर रहे है.

बाजपट्टी के मधुबन बाजार पर हुए हिंसक झड़प के बाद सोमवार को इलाका स्वत: स्फूर्त बंद रहा. बाजार व दुकानें बंद रहीं. लोग घरों में दुबके रहे. बाजपट्टी पुलिस ने 30 से अधिक उपद्रवी तत्वों को गिरफ्तार किया है. उधर, बैरगनिया में रविवार को हुए हिंसक झड़प मामले में पुलिस ने 100 लोगों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज किया है. वहीं, सोमवार को बैरगनिया थाने के बहेरी व पताही में भी तनाव उत्पन्न हो गया, जबकि नानपुर में हुए झड़प के मद्देनजर नानपुर पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है.

बगहा में मूर्ति विसर्जित कर लौट रहे लोगों पर पथराव, उपद्रवियों ने की दुकानों में तोड़फोड़

बगहा के रामनगर में दुर्गापूजा के बाद सोमवार की शाम को मूर्ति विसर्जित कर लौट रहे लोगों पर असमाजिक तत्वों द्वारा पथराव किया गया. इसके बाद दो समुदाय के लोग आपस मे भिड़ गये. इसके बाद भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने नगर के भगत सिंह चौक पर स्थित लगभग आधा दर्जन दुकानों में तोड़फोड़ की. स्थिति तनावपूर्ण है. घटना की सूचना पर रामनगर डीएसपी मनीष कुमार मौके पर पहुंच चुके हैं. आरक्षी अधीक्षक अरविंद कुमार गुप्ता रामनगर रवाना हो चुके हैं.

जानकारी के अनुसार, नगर की सभी मूर्तियां विसर्जन के लिए सोमवार को निकली थीं. मूर्ति विसर्जन के बाद जब कुछ लोग ट्रैक्टर पर सवार हो कर वापस लौट रहे थे, तो रामरेखा पुल के पास उन पर पथराव किया गया. इसके बाद ट्रैक्टर पर सवार लोगों ने भगत सिंह चौक पर पहुंच कर विरोध में हंगामा किया. इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने दुकानों में तोड़फोड़ की. इससे भगदड़ मच गयी. डीएसपी मनीष कुमार ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है.

गया के गुरूआ और शेरघाटी में दो समुदायों में जमकर हुई रोड़ेबाजी

शेरघाटी के बढ़ई टोला में दो पक्षों के बीच जमकर रोड़ेबाजी हुई. इसमें एक व्यक्ति का सिर फट गया और तीन लोगों को चोटें आयी हैं. उपद्रवियों ने थाने के अधिकारी अवधेश प्रसाद की मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. हालांकि, वह बाल-बाल बच गये. घटना की जानकारी मिलने पर एसडीओ ज्योति कुमार, डीएसपी उपेंद्र प्रसाद मौके पर दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर शांत करवाया. इसके अलावा थाना मोड़ पर भी दोनों पक्षों के बीच नोक-झोंक हुई.

जानकारी के अनुसार, रूट चार्ट के विरुद्ध जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ. कहा-सुनी शुरू होने के बाद बात मारपीट और रोड़ेबाजी तक पहुंच गयी. लोग इधर-उधर भागने लगे. प्रत्यक्षदर्शी व जख्मी दिलीप कुमार ने बताया कि मुहर्रम का जुलूस अपने रूट के हिसाब से जाना था. लेकिन, अचानक जुलूस को मंदिर की ओर ले जाया जाने लगा. पूछे जाने के बाद बात बढ़ गयी और रोड़ेबाजी होने लगी. घटनास्थल पर भारी संख्या पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है.

वहीं, दूसरी ओर गुरूआ के पुनौल गांव में एक समुदाय द्वारा दूसरे समुदाय की बच्ची को मारने के बाद तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी. जानकारी के अनुसार, गुरूआ थाने के पुनौल गांव में एक समुदाय के युवक द्वारा दूसरे समुदाय की बच्ची को मारने का मामला आग की तरह फैल गया. देखते ही देखते मामला काफी बढ़ गया. घटना की सूचना पाकर डीएसपी उपेंद्र प्रसाद, थानाध्यक्ष प्रदीप किशोर सिन्हा, बीडीओ बलवंत कुमार पांडे आदि पदाधिकारी लोगों के साथ बैठक कर मामला को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं. बीडीओ ने बताया कि बैठक कर दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर मामले को समाप्त करने कोशिश की जा रही है.

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By न्यूज़ डेस्क

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