नवगछिया। नगर परिषद और प्रशासन द्वारा हाल ही में चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान महज एक सप्ताह के भीतर ही सवालों के घेरे में आ गया है। जीरो माइल और मकनपुर चौक सहित कई प्रमुख इलाकों से हटाया गया अतिक्रमण दोबारा लौट आया है, जिससे शहर की सड़कें फिर संकरी हो गई हैं और जाम की समस्या पहले जैसी हो गई है।
शहर के जीरो माइल, मकनपुर चौक, दुर्गा मंदिर, स्टेशन रोड, सब्जी मंडी, हरिया पट्टी और मोड़ पट्टी समेत कई स्थानों पर दुकानदारों ने फिर से सड़क पर तीन से चार फीट तक कब्जा कर लिया है। इसके कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और एंबुलेंस तक को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी और नगर परिषद के पदाधिकारी प्रतिदिन इन्हीं मार्गों से गुजरते हैं, बावजूद इसके दोबारा हुए अतिक्रमण पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि अभियान के कुछ दिनों बाद ही पुरानी स्थिति लौट आती है तो ऐसे अभियानों पर खर्च होने वाले सरकारी संसाधनों और धन का क्या औचित्य रह जाता है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आजाद हिंद मोर्चा के अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कहा कि केवल जेसीबी चलाकर औपचारिक कार्रवाई करने से शहर अतिक्रमण मुक्त नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए, चालान काटा जाए और उनका सामान जब्त किया जाए ताकि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने की हिम्मत कोई न करे।
राजेंद्र यादव ने कहा कि जब तक नियम तोड़ने वालों पर आर्थिक दंड और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अतिक्रमण हटाओ अभियान का कोई स्थायी परिणाम नहीं निकलेगा।
वहीं, मनोज कुमार, सुधीर यादव, चंदन मंडल, रवि कुमार, मनोज गुप्ता, कुणाल गुप्ता, रवि भगत, वरुण, बाबुल और शिवम कुमार सहित कई स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से शहर को जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है। लोगों ने अतिक्रमण करने वालों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अब दिखावटी नहीं, बल्कि नियमित और प्रभावी अभियान चलाने की जरूरत है।
