नए विक्रमशिला सेतु के साथ फोरलेन एप्रोच रोड की तैयारी तेज, जमीन सीमांकन का निर्देश
भागलपुर। गंगा नदी पर वर्तमान विक्रमशिला सेतु के समानांतर निर्माणाधीन नए महासेतु के साथ दोनों तरफ बनने वाली एप्रोच रोड को भी फोरलेन करने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर ने जमीन की मापी और सीमांकन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।
Total Downloads: 254
राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने जगदीशपुर के अंचलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रस्तावित फोरलेन सड़क के लिए उपलब्ध सरकारी जमीन की मापी और सीमांकन कराने का निर्देश दिया है। अमीन की प्रतिनियुक्ति कर राइट ऑफ वे (ROW) में आने वाली जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
नवगछिया जीरोमाइल से चौधरीडीह तक बनेगी फोरलेन सड़क
प्रस्तावित सड़क नवगछिया जीरोमाइल स्थित एनएच-31 के जंक्शन से शुरू होकर नए विक्रमशिला सेतु से गुजरते हुए भागलपुर के चौधरीडीह पेट्रोल पंप के पास एनएच-33 से जुड़ेगी। यह सड़क नवघोषित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 131बी (NH-131B) के तहत विकसित की जानी है।

नवगछिया से भागलपुर के बीच इस महत्वपूर्ण सड़क को चार लेन में विकसित करने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजी जा चुकी है।
परियोजना में डिजाइन चेनेज 0.000 से 8.920 और 13.375 से 19.555 तक के हिस्से को शामिल किया गया है। मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित मार्ग का स्थलीय निरीक्षण भी किया जा चुका है।
रेलवे की जमीन का भी होगा सीमांकन
परियोजना के तहत भागलपुर बाइपास के चेनेज 139.440 पर गोपालपुर से विक्रमशिला सेतु तक रेलवे की जमीन का सीमांकन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया गया है कि यह जमीन पूर्व में बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग द्वारा अधिग्रहीत अथवा क्रय की गई थी।
अब प्रस्तावित फोरलेन सड़क के राइट ऑफ वे में उपलब्ध जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए भौतिक सत्यापन और सीमांकन कराया जाएगा। पुनरीक्षण सर्वेक्षण नक्शे के अनुसार प्रस्तावित एलाइनमेंट में रेलवे की करीब 50 मीटर जमीन उपलब्ध होने की बात सामने आई है।
नया पुल शुरू होने से पहले सड़क तैयार करने की तैयारी
वर्तमान विक्रमशिला सेतु पर बढ़ते यातायात दबाव और उसकी पुरानी स्थिति को देखते हुए गंगा पर समानांतर नए फोरलेन सेतु का निर्माण कराया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि नए पुल के निर्माण के साथ ही दोनों तरफ की एप्रोच रोड भी तैयार हो जाए।
इससे नया पुल चालू होने के बाद वाहनों को संकरी सड़क, जाम या बॉटलनेक जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। पुल और एप्रोच रोड के फोरलेन होने से नवगछिया, भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
सीमांकन के बाद टेंडर की प्रक्रिया होगी तेज
राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल ने जगदीशपुर अंचलाधिकारी से जल्द अमीन की प्रतिनियुक्ति कर सरकारी जमीन और प्रस्तावित सड़क के राइट ऑफ वे का स्पष्ट सीमांकन कराने को कहा है। सीमांकन के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट एनएच प्रमंडल को सौंपी जाएगी।
जमीन से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना की तकनीकी स्वीकृति, निविदा और वित्तीय आवंटन की दिशा में आगे की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। फोरलेन एप्रोच रोड बनने से नवगछिया से भागलपुर के बीच सड़क संपर्क और अधिक सुगम होने के साथ नए विक्रमशिला सेतु का उपयोग भी बेहतर तरीके से हो सकेगा।
