भागलपुर :कुमार गौरव, स्थानीय ईशाकचक अंतर्गत भीखनपुर के 12 नं.गुमटी स्थित अमितालय में राष्ट्रीय-साहित्यिक, सांस्कृतिक मंच काब्य यात्रा के बैनर तले रविवार को कविवर प्रेमचन्द्र पांडेय की अध्यक्षता में पहले सावन के पुनित बेला पर भक्तिमय काब्यधारा बही ।
कार्यक्रम का आरंभ कवि धीरज पंडित की शिव बंदना से हुई कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री पांडेय ने कहा कि एक तरफ जहाँ पहले सावन के दिन मुसलाधार वारिश हो रही है और लोग शिव अराधना में मग्न होकर भींगते हुए बाबा वैद्यनाथ धाम की ओर कूच कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर काब्य यात्रा के बैनर तले भक्तिमय काब्य धारा का आयोजन अपने आप में एक मिशाल पेश करता है ।उन्होंने कहा कि अंग क्षेत्र के कवि-साहित्यकारगण अपनी मुखरित वाणी से भक्तिरस में श्रोताओं को जो भिंगोने का काम कर रहे हैं वह अविस्मरणीय है ।वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मंडल ने काब्य यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि इस बैनर ने काब्य और लेखन के मान-सम्मान को बढ़ाने का कार्य किया है ।
*उदघाटन मेॅ अयलय नेता भाषण अपनोॅ पेली गेलय,घाटोॅ पेॅ कादोॅ छोड़ि केॅ कांवड़िया केॅ धकेली गेलय*..

तत्पश्चात उपस्थित कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना का पाठ कर माहौल को इस तरह भक्तिमय बना दिया कि श्रोताओं के साथ-साथ बादल भी अपनी गर्जन ध्वनि से मानो तालियाँ पीटकर वाह-वाह कर रहे थे ।

कवि महेश मणि अंगिका भाषा में काब्य पाठ करते हुए सुनाया कि-केना कहय छो सजनी अपनो के बेदाग हे,तोरो मूंहों से हरदम बरसै छों आग हे । कवि धीरज पंडित ने जब-सावन महीना बड़ा पावन है,हरे-भरे खेत,नदियों में रेत;छटा-छवि सुंदर लुभावन है सुनाया तो लोग सावन के बदिरा में गोता लगाने लगे ।मंच के संस्थापक/महासचिव शेषावतार बाबा मनमौजी कर्ण अंगपुरी ने -आज भोलेनाथ के दर भीड़ बड़ी भारी है,मास पावन सावन के आज सोमवारी है सुनाकर लोगों को बाबा भोलेनाथ की नगरी का भ्रमण करा दिया ।
वहीं कार्यक्रम में उपस्थित अंग उत्थान आन्दोलन समिति,बिहार-झारखंड के केन्द्रीय अध्यक्ष सह कवि गौतम सुमन ने अंगिका भाषा में कांवड़ियों के दर्द को बयां करते हुए सुनाया कि – केना बतैय्यों आय हम्मेॅ,दिल मेॅ कि बेकरारी छै,सोचय छि कि बतैय्येॅ दियों,मतरकि आय हमरोॅ एतवारी छै ! उदघाटन मेॅ अयलय नेता,भाषण अपनोॅ पेली गेलय; घाटोॅ पेॅ कादोॅ छोड़ि केॅ कांवड़िया केॅ धकेली गेलय!!
वहीं डॉ.भूपेन्द्र मंडल ने-श्याम तेरी वंशी लुभाती हमें रे,तेरी मुस्कान घायल करती हमें रे…सुनाकर भक्ति में श्रृंगार रस सुनाया और खूब तालियाँ बंटोरी ।अंत में कविवर प्रेमचन्द्र पांडेय ने सुनाया कि-सावन आते ही शुरू बमबम का है शोर,धरती से आकाश तक मचा शोर चहुँओर…।अमित मंडल ने आगत कवियों का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया ।
इस मौके पर निखिल चंद्रवंशी,सागर राज,आदित्य कुमार,राजाराम,बालमुकुन्द,सुनील सिंह,प्रीतम विश्वकर्मा,सुभाष राम,गंगाराम,मो.फारूख,सय्यVब,सोनु मंडल,अरूण मिश्र,जयराम शर्मा,नागेश्वर सिंह सहित कई गणमान्यगण मौजूद थे ।

