पटना. जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, व्यवहार न्यायालय, पटना सदर को परिवाद पत्र भेजकर पुलिस पदाधिकारी शिवली नुमानी, कैलाश गुप्ता, संजीव शेखर झा, कैसर आलम और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ आपराधिक साजिश के तहत हत्या करने की चेष्टा और दुर्व्यवहार से जुड़ी सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की अनुमति देने का आग्रह किया है.
अपने परिवाद पत्र में श्री यादव ने कहा कि उनकी और उनके कार्यकर्ताओं की हत्या की साजिश नामित पुलिस पदाधिकारियों ने की थी और मारपीट व दुर्व्यवहार किया था. उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ के जवानों ने उनकी जान बचायी और किसी तरह अपने आवास तक पहुंचे.
परिवाद में कहा गया है कि पार्टी ने प्रशासन की लिखित अनुमति के बाद 27 मार्च को शांतिपूर्ण विधान सभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था. लेकिन पुलिस पदाधिकारियों के उकसावे पर पुलिस कर्मियों ने सांसद व जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ता के साथ मारपीट, गाली-गलौज और दुर्व्यवहार किया। जान से मारने की कोशिश भी की गयी. परिवाद पत्र में कहा गया है कि सांसद के आवास पर उन्हें नजरबंद रखा गया और इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताडि़त किया. डॉक्टर की जांच रिपोर्ट में उनकी तबियत खराब होने की बात कही गयी, इसके बाद भी उन्हें जेल भेज दिया गया। जबकि वे एक सांसद हैं. परिवाद पत्र में पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कई अन्य आरोप भी लगाए गए हैं और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति देने का आग्रह किया गया है.