
नवगछिया : रंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भवानीपुर के समीप एनएच 31 सड़क पर लगभग 3:30 बजे शाम में विद्यालय से पढ़कर अपने घर वापस लौट रहे छात्र को nh 31 सड़क पार करने के दौरान पूर्णिया की ओर से नवगछीया की तरफ जा रही एक लाल रंग की अनियंत्रित गति से आ रही कार ने कुचल डाला। जिससे की छात्र की मौके पर ही मौत हो गई ।दुर्घटना के बाद आस पड़ोस के लोग दौरे लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। इसी दौरान चालक गाड़ी लेकर तेज गति से भाग निकला ।दुर्घटना में मारे गए छात्र की पहचान रंगरा थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी रंजन यादव के 7 वर्षीय पुत्र विशाल कुमार के रूप में की गई है ।


मिली जानकारी अनुसार मृतक छात्र विशाल कुमार अपने घर से महज 100 गज की दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय सुंदर चक में पहली कक्षा में पढ़ता था ।जो प्रतिदिन की तरह आज भी पढ़ने के लिए स्कूल गया था । 3:30 बजे के बाद विद्यालय में छुट्टी होने के उपरांत अपने घर वापस लौट रहा था। इसी दौरान सड़क पार करने के क्रम में अनियंत्रित गति से आ रही कार ने रौंदते हुए निकल गई ।दुर्घटना के बाद मृतक के परिजन एवं स्थानीय लोग काफी आक्रोशित हो गए हैं और nh 31 को जाम कर दिया। इस दौरान nh 31 पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। जिससे कि दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। इस क्रम में लगभग 2 घंटे तक यातायात बाधित रहा ।जिसके फलस्वरुप राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा ।दुर्घटना एवं जाम की सूचना पर रंगरा थाना अध्यक्ष सुचित कुमार अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया मगर मृतक छात्र के परिजन मानने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे ।तब जाकर स्थानीय कुछ जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और लोगों को समझा बुझाकर जाम हटाया गया ।इसके बाद सड़क पर आवागमन बहाल हो सका। स्थानीय पुलिस ने मृतक छात्र को पोस्टमार्टम के लिए नवगछीया स्थित अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया। मृतक के परिजनों के आवेदन पर अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध रंगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी।
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मृतक छात्र के परिजनों के घर मचा कोहराम ,परिजनों के रुदन क्रंदन की चित्कार से दहल उठा भवानीपुर टोला ।
दुर्घटना के शिकार हुए मृतक छात्र विशाल के घरों में कोहराम मचा हुआ है। मृतक मां सिंकू देवी दहाड़ मार कर रो रही थी जबकि पिता रंजन यादव बेटे के छत विछत लाश को देखकर बदहवास हो रहे थे। जबकि मृतक के दादा अपने समीप के खेतों में काम कर रहे थे ।दुर्घटना की सूचना मिलते हुए घर पहुंचे और अपने पोते के शव को देखकर nh 31 सड़क पर ही अपना सर पटकने लगे । तीनों को परिजन संभालने में लगे थे और लोग ढाढस बंधा रहे थे। इस दौरान मृतक छात्र की मां रिंकू देवी रो रो कर कर रही थी “हो बाबू केकरा देखी कय हम्मै रहबै, कथी लय तोरा पढै लय स्कूल भेजलीहौं “। रंजन यादव को 2 पुत्र और एक पुत्री थी ।यह सबसे छोटा पुत्र था। हाल ही में रंजन यादव ने nh 31 किनारे अपना घर बनाया था और यही पर अपने माल मवेशी एवं पूरे परिवार के साथ रहते थे । खेतों में मजदूरी कर अपने पूरे परिवार के साथ जीवन यापन कर रहे थे.

