नवगछिया: कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व प्रत्यासी सह शिक्षक स्वाभिमान मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ नीतेश कुमार यादव ने शौच प्रकरण पर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा के बयान को हास्यास्पद और घोर शिक्षक विरोधी बताया और कहा कि अगर बिहार के शिक्षकों के प्रति नीतीश सरकार के शिक्षामंत्री का ऐसा बयान आना उनकी मानसिक कमजोरी को बयाँ करता है।
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सरकार बिहार के शिक्षकों से शौच करने वाले पर निगरानी साथ उसकी फोटो खिंचवाने का तुगलकी फरमान दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं भी स्वक्ष भारत का समर्थन करता हूँ पर अगर बिहार सरकार को खुले में शौच पर रोक लगानी है तो पहले शौचालय की वेवस्था करें तब ऐसे कार्यों पर रोक लगाए।


वैसे सरकार के किसी भी परियोजना को फलीभूत करने के लिए शिक्षक ही मिलते है क्या? सरकार की सत्ताईश योजनाओं को शिक्षक चला रहे है पहले से क्या कम थी योजनायें जो आज शौच प्रकरण में भी शिक्षकों पर थोप दिया गया।इससे स्पष्ठ प्रतीत होता है कि सरकार शिक्षक विरोधी है और शिक्षकों का मानसिक दोहन करने में लगी हुई है।
अगर सरकार को शिक्षकों पर लागू करना है तो समान काम का समान वेतन लागू करे। अपनी ओछी मानसिकता से नीतीश सरकार बाहर आये और शिक्षकों को शिक्षालय में ही रहने दें उन्हें गैर शैक्षणिक कार्यों में न लगाएं। शिक्षकों के सम्मान के साथ कोई समझौता नही करेंगे। सरकार शिक्षकों पर जो तुगलकी फरमान लागू किया है उसे वापस ले वरना शिक्षक अपनी स्मिता की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन को तैयार हैं। बिभिन्न जिले के शिक्षकों से एवं शिक्षक संगठनों से लगातार मेरी बात हो रही है।सरकार के इस दमनकारी नीति का विरोध करने के लिए मुझे जो कुछ करना पड़े मैं करूंगा।
